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Auraiya News: दिबियापुर से होगी बायोगैस परियोजना की शुरुआत

Sun, 19 Apr 2026 11:54 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो-12-जानकारी देते गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त व अन्य। संवाद
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दिबियापुर। उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त ने कहा कि प्रदेश में सौ बायोगैस संयंत्र लगाने की तैयारी की जा रही है।
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भारत सरकार ने इसके लिए दस हजार करोड़ रुपये दिए हैं। भविष्य में गोबर गैस को कंप्रेसर के जरिए सिलिंडर में भरकर घरों तक पहुंचाने की योजना है। उन्होंने कहा कि बायोगैस परियोजना की शुरुआत दिबियापुर से की जाएगी।
रविवार को गोसेवा आयोग अध्यक्ष ने नगर पंचायत सभागार में जनप्रतिनिधियों व भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इसके बाद पत्रकारों से वार्ता में कहा कि प्रदेश में 7716 स्थानों पर संचालित गोशालाओं में 12.58 लाख गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। प्रदेश में गोवंश गोपालकों को सौंपे जा रहे हैं। सरकार एक गाय के संवर्धन के लिए गोपालक को रोज 50 रुपये के हिसाब से 1500 रुपये प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से दे रही है।
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इसके साथ ही देश की गोशालाओं को पंचगव्य उत्पादों का प्रशिक्षण और उत्पादन केंद्र बनाने की भी बात कही। इससे पहले पूर्व मंत्री लाखन सिंह राजपूत, चेयरमैन राघव मिश्रा, नीरज गौतम, अवधेश शुक्ला, श्रद्धा मनु चौहान, कुलदीप पोरवाल व आशीष दुबे ने गो सेवा आयोग के अध्यक्ष का स्वागत किया।

गोशालाओं में हरे चारे का हो इंतजाम : श्यामबिहारी
फफूंद। उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के चेयरमैन श्याम बिहारी गुप्ता ने रविवार को गांव दूल्हा राय का पुरवा गोशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने भूसा, चोकर व पशु आहार के स्टॉक की जांच की और नांद में डाले जा रहे चारे की गुणवत्ता को भी परखा। उन्होंने निर्देशित किया कि गोवंशों के लिए नियमित रूप से हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने भीषण गर्मी और लू से बचाव हेतु गोशाला में लगे टिनशेड के चारों ओर जूट के तिरपाल लगाकर उन पर लगातार पानी का छिड़काव कराने के लिए कहा। कहा कि नेपियर घास व मोरिंगा की खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जाए और उनकी उपज गोशालाओं द्वारा खरीदी जाए। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. बृजभूषण सिंह को निर्देश दिया कि हरे चारे की खेती करने वाले किसानों को भारतीय चारागाह अनुसंधान संस्थान झांसी से प्रशिक्षण दिलाया जाए।
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गोशालाओं से निकलने वाले गोबर व गोमूत्र किसानों को उपलब्ध कराया जाए, इससे वे जैविक खेती कर अपनी आय बढ़ा सकें। उन्होंने लोगों से प्रतिदिन एक रोटी गोवंश के नाम पर निकालने या उसके बराबर की धनराशि गोशालाओं में दान करने का भी आह्वान किया। (संवाद)
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