दिबियापुर (औरैया)। पुलिस ने शनिवार रात मुठभेड़ में पेप्सी डिस्ट्रीब्यूटर से लूट करने वाले तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें व्यापारी के गोदाम पर काम करने वाला एक युवक भी शामिल है। दो बदमाशों के पैर में गोली भी लगी है। पुलिस को बदमाशों के पास से नकदी, लैपटॉप समेत लूटा गया अन्य सामान मिला है।
सदर कोतवाली में एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि 17 अप्रैल को दिबियापुर थाना क्षेत्र में पेप्सी डिस्ट्रीब्यूटर बृजेश कुमार गुप्ता ने लूट की सूचना दी थी। उन्होंने बताया था कि सहार स्थित गोदाम से लौटते समय अपाचे सवार तीन बदमाश तमंचे के बल पर उनसे कैश व लैपटॉप का बैग छीन ले गए थे। इस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस शनिवार रात को हीरा का पुर्वा पुलिया के पास चेकिंग कर रही थी। चेकिंग के दौरान एक तेज रफ्तार अपाचे बाइक को जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो बाइक सवारों ने बाइक हीरा पुर्वा रोड पर तेजी से मोड़ दी। इससे बाइक फिसल गई और तीनों गिर गए। पुलिस जैसे ही आगे बढ़ी तो बाइक सवारों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। वहीं तीसरे बदमाश को पुलिस ने झाड़ियों से पकड़ा।
पकड़े गए बदमाशों की पहचान सहार थाना क्षेत्र के गांव पचपेड़ा निवासी शिवम, गांव फतेहपुर निवासी आशीष और सहार निवासी असद उर्फ पोपे के रूप में हुई है। शिवम के दोनों पैरों में गोली लगी है। वहीं आशीष के दाहिने पैर में गोली लगी है। तीनों ने लूट की घटना स्वीकार की है। तीनों की उम्र 24 से 25 वर्ष के करीब है।
पुलिस को उनके पास से लूटा गया लैपटॉप, 2.53 लाख रुपये भी मिले। साथ ही लूट में प्रयुक्त बाइक और दो तमंचे भी पुलिस ने बरामद किए। दोनों घायल बदमाशों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं असद को न्यायालय में पेश किया गया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
गैंगस्टर का आरोपी है शिवम, आशीष के खिलाफ पांच मुकदमे
शिवम और आशीष दोनों ही पेशेवर अपराधी हैं। एसपी ने बताया कि दोनों के विरुद्ध अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसमें शिवम के खिलाफ बेला थाने में तीन और कानपुर देहात के रसूलाबाद थाने में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह गैंगस्टर का भी आरोपी है। वहीं आशीष के खिलाफ बेला, सहार और बिधूना थानों में पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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तीन माह से गोदाम पर काम कर रहा था असद
आरोपी असद फरवरी से ही पेप्सी डिस्ट्रीब्यूटर बृजेश गुप्ता के गोदाम पर चालक के रूप में काम कर रहा था। शुक्रवार को जब बृजेश गुप्ता दो दिन के कलेक्शन का रुपया बैग में रखकर घर के लिए निकले तो असद ने इसकी जानकारी अपने साथियों को दे दी। घटना की जांच के दौरान असद भाग निकला था, बस यहीं से पुलिस का उस पर शक गहरा हो गया था।