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Auraiya News: बिलराया-पनवाड़ी हाईवे...15 माह में चौड़ीकरण का वादा, आरक्षित वन क्षेत्र बना बाधा

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औरैया। बिलराया-पनवाड़ी स्टेट हाईवे का जिले की सीमा में चौड़ीकरण होना है। इसके लिए शासन ने स्वीकृति देने के साथ ही बजट भी जारी कर दिया है।
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टेंडरिंग प्रक्रिया के बाद अनुबंध भी हो गया। 15 माह में शासन ने इसे पूरा कराने के आदेश दिए हैं लेकिन इसमें आरक्षित वन क्षेत्र बाधा बन गया है। इसके चलते अब तक काम भी शुरू नहीं हो सका है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी वन विभाग को पत्राचार कर रहे हैं।

जिले से होकर गुजरने वाले स्टेट हाईवे 21 को बिलराया-पनवाड़ी स्टेट हाईवे के नाम से जाना जाता है। यह मार्ग जालौन को औरैया से जोड़ने के साथ ही शहर को ककोर स्थित मुख्यालय और औद्योगिक नगरी दिबियापुर से जोड़ता है। वर्तमान में सात मीटर चौड़ा यह मार्ग अब वाहनों की संख्या के हिसाब से कमतर साबित हो रहा है। इसी के चलते इसके चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था।
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शासन ने जिले की सीमा में दो टुकड़ों में 16.08 किलोमीटर मार्ग को 10 मीटर चौड़ा करने की अनुमति दे दी है। साथ ही दोनों किनारों को भी पक्का कराया जाना है। इसमें पहला चैनेज 301 किलोमीटर से 311.450 किलोमीटर तक है तो वहीं दूसरा चैनेज 312.700 किलोमीटर से 318.330 किलोमीटर तक है। इसके लिए कुल 71.21 करोड़ का बजट स्वीकृत होने के साथ ही टेंडर भी किया जा चुका है।
शासन ने हाल ही में 20 करोड़ से 100 करोड़ तक की परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 15 माह की समय सीमा निर्धारित कर दी है लेकिन जिले में यह समय सीमा में काम पूरा होना मुश्किल होता जा रहा है। दरअसल, स्टेट हाईवे के दोनों ओर आरक्षित वन क्षेत्र है। इसमें पेड़ भी खड़े हैं। इन पेड़ों के कटान के लिए वन विभाग ही अनुमति देता है और कटान भी करता है। ऐसे में इसकी अनुमति में देरी से परियोजना शुरू होने में भी देरी हो रही है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से वन विभाग को इसके लिए पत्र भेजा गया है लेकिन अब तक इसकी अनुमति नहीं मिल सकी है। ऐसे में जिले के लोगों को इस रोड के चौड़ीकरण के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
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प्रतिपूर्ति पौधरोपण के लिए देनी होगी जमीन
वन विभाग से पेड़ों के कटाने की अनुमति मिलने के बाद भी निर्माण की राह आसान नहीं होगी। इसके लिए काटे गए पेड़ों के बदले में पौधरोपण भी करना होगा। इस पौधरोपण के लिए जमीन भी चयनित कर देनी होगी। इन सब में समय लगना तय है। ऐसे में 15 माह में सड़क चौड़ीकरण दूर की कौड़ी नजर आ रहा है।

लंबे समय से उठती रही है मांग
औरैया से ककोर होते हुए दिबियापुर को जोड़ने वाले मार्ग के चौड़ीकरण की मांग लंबे समय से उठती रही है। जनप्रतिनिधि भी इस मांग को उठाते रहे हैं। पहले जहां इसे फोरलेन करने चर्चा थी, वहीं अब 10 मीटर चौड़े मार्ग से ही संतोष करना पड़ रहा है। मुख्यालय के साथ ही फफूंद स्टेशन के लिए जाने वाले लोगों को भी इसी मार्ग से आवागमन करना पड़ता है। इसके कारण इस पर वाहनों का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे में इस मार्ग का चौड़ीकरण बेहद जरूरी है।
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शासन से स्वीकृति मिलने के साथ ही मार्ग के चौड़ीकरण के लिए टेंडरिंग प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। साथ ही अनुबंध भी कर लिया गया है। सड़क के दोनों तरफ आरक्षित वन क्षेत्र होने से बाधा आ रही है। इसके लिए वन विभाग को पत्र भेजा गया है। वन विभाग से अनुमति मिलने के बाद भी कार्य आगे बढ़ सकेगा।
-अमर सिंह, अधिशासी अभियंता, लोनिवि प्रांतीय खंड
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