औरैया। आपकी आईडी से एक बार में तीन सिम एक्टिवेट हो सकते हैं। दुकानदार झांसा देकर आईडी कार्ड से सिम एक्टिवेट कर साइबर ठगों को ऊंचे दाम पर बिक्री कर देते हैं। बाद में यह साइबर ठग आपके नाम जारी सिम में लाखों की ठगी करते हैं। पुलिस ठगी करने वाले की जगह जिस आईडी से सिम एक्टिवेट हुआ है, उसे दबोचती है। किसी को भी अपना आधार या अन्य आईडी देते समय बेहद सावधान रहें। पुलिस ने ऐसे सिम विक्रेताओं का चिह्नांकन शुरू किया है।
साइबर एक्सपर्ट के अनुसार कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल पर संचार साथी पोर्टल को डाउनलोड कर अपना आधार नंबर डालकर यह पता कर सकता है कि उसकी आइडी से कितने सिम चल रहे हैं। यदि दो से तीन सिम चलते मिलें तो पोर्टल पर ही शिकायत दर्ज करा सिम को बंद करा सकते हैं। साइबर थाना पुलिस ने पांच दिन पहले जिले के पांच ऐसे दुकानदारों पर मुकदमा दर्ज किया है, जिन्होंने एक आईडी पर कई सिम जारी कर साइबर ठगों को बिक्री किए। दूसरे प्रदेशों में बैठे साइबर ठगों ने इस सिमों का प्रयोग कर भोलेभाले लोगों को लालच में फंसा उनके बैंक खाते साफ कर दिए।
भोले भाले लोगों को फंसा खुलवाते खाते
साइबर ठगी के बाद अपराधी जिन बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर करते हैं, वह उनके नहीं होते। यह अपराधी गरीब तबके व भोलेभाले लोगों को फंसाकर उन्हें एक अकाउंट खोलने के नाम पर एक हजार से 1500 रुपये तक देते हैं। इसके बाद खातों ठगी के रुपये आने के बाद भी उन्हें कुछ प्रतिशत हिस्सा देते हैं। जिले में इस तरह के खोले गए खातों की भी साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की है।
दूसरे की आईडी से इस तरह जारी होते फर्जी सिम
साइबर एक्सपर्ट के अनुसार यदि कोई व्यक्ति दुकान में सिम लेने पहुंचा या कोई अनजान व्यक्ति आपको सिम देने आया तो पहले वह आपको अच्छे नंबरों की सीरीज दिखाकर कम दाम में सिम देने की बात कहेगा। लालच में फंसकर जैसे ही आप सिम लेने के लिए हामी भरेंगे तो वह आपकी आइडी आधार लेगा। आंख की स्कैनिंग, आधार कार्ड और बायोमीट्रिक (अंगूठा) लगवाएगा। सिम एक्टिव होने के बाद भी वह आपको स्कैनिंग न होने या अंगूठा लगने में कमी बता फिर से वहीं प्रकिया अपनाएगा। एक बार में वह आपकी आईडी से एक कंपनी के और व अन्य कंपनी के तीन सिम एक्टिवेट कर सकता है।
फर्जी आईडी से सिम एक्टिवेट करने वाले दुकानदारों पर नजर
प्रदेश स्तर से चल रहे अभियान के क्रम में यहां की पुलिस ने भी फर्जी आईडी से सिम एक्टिवेट कर बिक्री करने वाले दुकानदारों को चिह्नित करना शुरू किया है। चर्चा है कि कई टेलीकाम शाप चलाने वाले पुलिस के रडार पर हैं।
वर्जन
....मोबाइल सिम लेते या आधार, पैन समेत अन्य आईडी की फोटो कापी कराते समय बेहद सतर्क रहें। आपकी आईडी दुरुपयोग कर फर्जी तरीके से सिम एक्टिवेट कर साइबर अपराधियों को बेचे जा सकते हैं। ऐसे में घबराएं नहीं यह जानने के लिए कि आपकी आईडी से कितने सिम एक्टिवेट हैं, संचार साथी पोर्टल पर जाकर इसकी जानकारी ले सकते हैं।- आलोक मिश्रा, एएसपी