औरैया। यमुना रोड पर मंगलवार को तालाब की जमीन पर कब्जा हटाने के नाम पर तीन दुकानों पर एसडीएम द्वारा ताला लगाने व तीन व्यापारियों को कोतवाली भेजने के मामले ने बुधवार को तूल पकड़ लिया। आक्रोशित व्यापारियों ने व्यापार मंडल के बैनरतले दुकानों के बाहर धरना दिया। साथ ही यमुना रोड के दोनों ओर जाम लगा दिया। दुकानों का ताला खुलने व पकड़े गए व्यापारियों के छोड़ने पर लगभग एक घंटे बाद जाम खुल सका।
यमुना रोड पर तालाब की जमीन पर पालिका प्रशासन मिट्टी की भराई कराकर प्रदर्शनी के लिए तैयार करवा रहा है। मंगलवार को एसडीएम सदर रमेश यादव ने पहुंचकर दुकानदारों की गैर मौजूदगी में शटर में ताले डाल दिए। साथ ही तीन दुकानदारों को पकड़कर कोतवाली भेज दिया। एसडीएम का कहना है कि यह सभी लोग तालाब की जमीन पर कब्जा किए हैं, जबकि दुकानदारों का कहना है कि वह लोग चार दशक से यहां कारोबार कर रहे हैं।
बुधवार को सुबह आक्रोशित व्यापारियों ने व्यापार मंडल के बैनरतले दुकानों के बाहर धरना दिया। साथ ही यमुना रोड पर दोनों तरफ जाम लगा दिया। एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जानकारी मिलने पर पहुंचे सीओ सिटी सुरेंद्र नाथ यादव व कोतवाली इंस्पेक्टर रामसहाय सिंह ने लोगों को समझाया। साथ ही दुकानों के ताले खुलवाए व पकड़े गए व्यापारियों को छोड़ा। इसके बाद व्यापारियों का गुस्सा शांत हुआ और तब जाकर लगभग एक घंटे बाद जाम खुल सका।
लकड़ी व्यापार मंडल अध्यक्ष छुन्नू पाठक व महामंत्री बन्ने खां तथा कंसल गुट के जिलाध्यक्ष सुधीर पुरवार, मिश्रा गुट के जिलाध्यक्ष राजेश बाजपेई, अमर विश्नोई ने कहा कि एसडीएम सदर रमेश यादव ने व्यापारियों को बिना वजह कोतवाली पहुंचाया। यही नहीं बिना किसी नोटिस के उनकी दुकानों में ताले डालवाए।
लकड़ी आढ़त संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वह पालिका प्रशासन द्वारा गुमराह किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अवैध कब्जेदार बताया जा रहा है। उनका और पालिका प्रशासन का सिविल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। यही नहीं साल 2008 से विवाद को लेकर उनके पास स्टे है। इसके बाद भी एसडीएम सदर द्वारा कोर्ट के आदेश की अवमानना की गई। सीओ ने सभी व्यापारियों को उत्पीड़न न होने का आश्वासन दिया।