बैंक सेवा केंद्र उमरैड़ी में खाता धारकों के खातों से पांच लाख 40 हजार रुपये की धनराशि निकालकर सरकारी धन का दुरुपयोग किए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। प्रथम चरण की जांच रिपोर्ट में धोखाधड़ी के शिकार हुए खाताधारकों के स्टेट्स को खंगालने पर दुरुपयोग की गई धनराशि पेंशन योजना या छात्रवृत्ति योजना के होने का अनुमान है। इस मामले में तीन विभागों की संलिप्तता उभर कर आई है।
एरवाकटरा ब्लाक क्षेत्र के सेंट्रल बैंक शाखा के सेवा केंद्र उमरेड़ी में खातेदारों को गुमराह कर 90 खातेदारों के खातों 5.40 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। मामले के खुलासे के बाद अग्रणी जिला प्रबंधक की ओर से उक्त उक्त सेवा केंद्र बंद करा देने के बाद उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की सिफारिश की गई थी। अग्रणी जिला प्रबंधक दूधनाथ की प्रथम चरण की जांच रिपोर्ट में उक्त धनराशि पेंशन या छात्रवृत्ति योजना के होने पर शक जाहिर किया था। सीडीओ की ओर से गठित तीन जांच दलों ने बिना खातेदारों को सूचना दिए खाते में हस्तानांतरित की गई 6000, 4500 व 1500 रुपये की धनराशि आखिर किस मद की है। इसी बिंदु पर जांच शुरू की है।
एक ही वर्ग के हैं 65 खाते
औरैया। बैंक सेवा केंद्र उमरेड़ी से निकाली गई 5.4 लाख की धनराशि के पीड़ित खातेदार रेशमा बानो, हसीना बेगम, आयशा बेगम, खातून बेगम, नाजिया बेगम, मोहम्मद शकील, अफसर, आबाद मोहम्मद आदि 65 खातेदार एक ही वर्ग विशेष से हैं। एक ही वर्ग से संबंधित खातेदारों के खाते में किसी सरकारी विभाग द्वारा पैसा भेजना, अलग की इशारा करता नजर आ रहा है।
खातेदारों के खातों से सरकारी धनराशि निकाले जाने के मामले की जांच जारी है। इस मामले में जांच पूरी न होने तक कुछ भी कहना फिलहाल उचित नहीं है। जांच दलों से सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर जांच कराई जा है।
सत्येंद्र नाथ चौधरी, सीडीओ