औरैया। बैंक कर्मियों ने लंबित 12 सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार से दो दिवसीय हड़ताल शुरू की। पंजाब नेशनल बैंक के बाहर एकत्रित हुए प्रदर्शनकारी बैंक कर्मियों ने जमकर नारेबाजी कर गुस्से का इजहार किया। हड़ताल से पहले दिन बैंकों का 300 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया जाता है, तो वह अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने को विवश होंगे।
उत्तर प्रदेश बैंक एंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू की। शुक्रवार को सुबह विभिन्न बैंकों के कर्मचारी अपनी-अपनी बैंक शाखाओं में तालाबंदी कर कानपुर रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर एकत्रित हुए। वहां इन कर्मचारियों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान यूनियन के सचिव जितेंद्र तोमर ने कहा कि बैंकों का विलय बैंकों को घाटे से उबारने से उचित तरीका नहीं है। सरकारी बैंकों का मर्जन कर सरकार बैंकों को कुछ प्राइवेट घरानों को बेच देना चाहती है। बताया कि आज देश की कुल संपत्ति का 62 फीसदी हिस्सा भारत में केवल 53 घरानों के पास है। बैंक कर्मी कमल दीक्षित, विनय अग्रवाल ने बताया कि बैंकों की पहले दिन हड़ताल से बैंकों का 300 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। जबकि 150 करोड़ की क्लीयरिंग ठप रही।
उन्होंने बताया कि बैंक कर्मी बैंकों के लिए मेहनत कर उन्हें लाखों, करोड़ों कमाकर दे रहे हैं। सरकार के दबाव में ऋण प्रदान किए जाते है, जो कि चुकता न करने पर (एनपीए) हो जाते हैं। इससे बैंकों को लाभ पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। रघुवीर तिवारी ने कहा कि जब तक बैंक कर्मियों की मांगो को पूरा नहीं किया जाता। तब बैंक कर्मी इसी तरह प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।
धरना प्रदर्शन के दौरान नीरज सिंह, मानवेंद्र सिंह, शिवम शाक्य, दीपक मिश्रा, गिरजेश, विजय, प्रियंका, दिलीप पटारिया, लवकेश कुमार, डालचंद्र, जितेंद्र कुमार, विनय अग्रवाल, बाबूराम, अंकित खरे, मनोज राठौर, सुशील, प्रेम सिंह, अंकित, सुशील, रजत, दीपक चक, गोपाल बाजपेयी, विमलेश कुमार, अंकिता पाल, मंजू सिंह, राहुल माधव समेत तमाम बैंककर्मीं मौजूद रहे।