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Auraiya News: नए सिरे से होगी बांग्लादेशी प्रकरण की जांच, हो सकता है बड़ा खुलासा

Mon, 22 Sep 2025 11:08 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो-22एयूआरपी 52 - 21 सितंबर को अमर उजाला में प्रकाशित खबर। संवाद
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औरैया। सहार के गांव पुरवा रावत में पकड़े गए बांग्लादेशी प्रकरण में एसपी अभिषेक भारतीय ने अब नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं। जनवरी में गो सेवक की ओर से की गई शिकायत को भी इस जांच के दायरे में लाया जाएगा। इसमें पुरवा रावत गांव में कई बांग्लादेशी होने का हवाला दिया गया था। खास बात तो यह है कि कुछ सफेदपोशों की ओर से बांग्लादेशियों को पनाह देने की बात कही गई थी जिसे पुलिस जांच में किनारे कर दिया गया था। अब इस मामले में की नए सिरे से होने जा रही इस जांच से सफेदपोश भी लपेटे में आते दिख रहे हैं। अमर उजाला ने 21 सितंबर के अंक में तमाम आशंकाएं जाहिर करती खबर प्रकाशित की थी। पूर्व में पकड़े गए अन्य बांग्लादेशियों के मामलों का हवाला दिया था जिसका एसपी ने भी संज्ञान लिया है।
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सहार थाना क्षेत्र के गांव पुरवा रावत में सड़क किनारे कबाड़ की दुकान में काम करने वाले बांग्लादेश के 65 वर्षीय इस्लाम को 17 सितंबर को पुलिस ने पकड़ा था। पूछताछ के बाद उसे दूसरे दिन जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने जब इस मामले की तह जानने के लिए तीन दिन पहले आगरा में उसके ठिकाने पर पहुंची, तो वहां उसके साथ कबाड़ बीनने वाले साथियों से बात की थी। जांच में सामने आया था कि गांव पटना से जनसेवा केंद्र से आगरा में कबाड़ मालिक को रुपये ट्रांसफर किए थे। पुलिस के अनुसार चार माह पहले इस्लाम आगरा में बीमार हो गया था जिसका इलाज कबाड़ मालिक ने कराया था।
इस्लाम ने पुलिस को आगरा में उसकी बेटी के रहने के बारे में बताया था।जो पुलिस जांच में झूठा निकला था। पुलिस के मुताबिक इस्लाम की पत्नी की मौत हो चुकी है। दो बेटे बांग्लादेश जनपद खुलना तहसील फुलथला के गांव दामोदर में रहते हैं। वह करीब चार से पांच वर्ष पहले पश्चिम बंगाल के रास्ते देश में अवैध तरीके से आया था। इससे पहले सहार के गाे सेवक ने जनवरी माह में गांव पुरवा रावत में 32 बांग्लादेशी होने की शिकायत पुलिस से की थी लेकिन शिकायत कर्ता के अनुसार उसे अनसुना कर दिया गया था।
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सीएम पोर्टल पर शिकायत करने पर पुलिस ने 32 लोगों के काफी समय पहले रहने का हवाला देते हुए शिकायत को निरस्त कर दिया था। गोसेवक का आरोप था कि 32 में कुछ ऐसे है जो प्रधान के मकान में रहने का ठिकाना दर्शाकर आधार कार्ड भी बनवा चुके हैं। उन्हें वहां का मतदाता तक बना दिया गया है। एसपी की ओर से अब इस पूरे मामले की स्वयं मॉनीटरिंग की जा रही है। ऐसे में नए सिरे से शुरू हुई जांच में सफेदपोश व स्थानीय लोगों के नाम सामने आने की आशंका जताई जा रही है।
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कॉल डीटेल रिपोर्ट आने पर पनाहगार आएंगे सामने
पुरवा रावत में पकड़ा गया बांग्लादेशी पिछले चार माह से रह रहा था। उसे किन लोगों ने संरक्षण दे रखा था। पुलिस इसकी तह तक जा रही है। इसे लेकर पकड़े गए आरोपी इस्लाम के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है जिसमें पनाहगार के राज खुलेंगे। कबाड़ के इस काम को धरातल देने वाले लोगों तक भी पुलिस पहुंचेगी। इस्लाम के बांग्लादेशी होने की बात जानने के बाद भी इसे छिपाने वाले अब इस जांच के दायरे में होंगे।
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जल्द होगा बड़ा खुलासा
बांग्लादेशी प्रकरण की नए सिरे से जांच कराई जा रही है। जल्द मामले में बड़ा खुलासा किया जाएगा।
-अभिषेक भारतीय, एसपी
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