औरैया/अटसू। बंबों पर दबंग किसानों की मनमानी टेल पर बसे गांवों के लिए मुसीबत बन रही है। बंबों पर जगह-जगह अड्डी लगी होने से सिंचाई का पानी टेल गांव तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। कुछ ऐसा ही नजारा औरैया तहसील के बंबों पर कई स्थानों पर दिखा। जहां किसानों ने बंबे पर अड्डी लगाकर पानी की धारा को ही रोक दिया है। बंबे का पानी रोके जाने व कई स्थानों पर बंबा सूखा होने के कारण किसानों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है।
समय-11.50 बजे
दिबियापुर मार्ग की पुलिया से महज 20 मीटर की दूरी पर गांव के असरदार लोगों ने बंबे में बंधी लगाकर पानी की धारा को रोक दिया। इस दौरान वह बंबी की निगरानी करते भी नजर आए। इसी रास्ते से जिला स्तरीय अधिकारियों की गाड़ियां रोजाना कई बार गुजरतीं हैं लेकिन अड्डी को देखने वाला कोई नहीं है।
समय- 12.50 बजे
कखावतू गांव से निकली बंबी पर सीमेंट के पाइप डाल गांव के दबंग किसानों ने पानी की धारा को रोक दिया। जिससे आगे के खेतों पर पानी पहुंचना लगभग बंद हो गया। दंबगों के डर से किसान अड्डी का विरोध नहीं कर पा रहे हैं। यहां भी किसानों ने अड्डी लगाकर अपने खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए पंपसेट लगा रखा है।
समय -1.15 बजे
बैखोफ किसानों ने नरोत्तमपुर गांव के निकट बंबे में तीन-तीन पंपसेट उतार बंबे का पानी निकाल खेतों की सिंचाई करते नजर आए। किसानों ने सिंचाई के दौरान आने-जाने वाले रास्ते को भी रोक दिया। जिससे चलते बाइक, कार सवारों को घर तक पहुंचने के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है।
समय- 1.25 बजे
बंबे में अड्डी लगी होने से कुलावा तक पानी नहीं पहुंच रहा है। किसके कारण कुलावा से निकली नाली भी सूखी पड़ी है। परेशान किसानों को नहरों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं फफूंद रोड पर सुरान गांव के निकट अड्डी के कारण कुलावे भी उतरने लगे हैं।
फोटो संख्या-26एयूआरपी-01 आलोक तिवारी
गर्मी में सिंचाई व्यवस्था पर जिला प्रशासन को विशेष नजर रखनी चाहिए। जिससे फसलों को बर्बाद होने से बचाया जा सके। बंबा में बंधी लगाने वालों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। इसकी सफाई में भी खानापूर्ति की जाती है। जिससे सिंचाई के समय किसानों की मुसीबत बढ़ जाती है।
- आलोक तिवारी
फोटो संख्या-26एयूआरपी-02 मुलायम सिंह
बंबा का पानी सभी के लिए है। सिंचाई के समय सभी को पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में बंबा का पानी रोकना पूरी तरह से गलत है। विरोध करने पर कई बार मारपीट की स्थिति आ जाती है। वह लोग बंबा के पानी के भरोसे अब नहीं रहते हैं। नगर विभाग व सिंचाई विभाग को निगरानी भी करनी चाहिए।
- मुलायम सिंह (किसान)
फोटो संख्या-26एयूआरपी-03 मनीष यादव
लखना माइनर से निकलने वाला खाकी रजबहा का पानी कभी टेल तक नहीं पहुंच पाता है। जिससे किसानों को दूसरे संसाधनों से फसलों की सिंचाई के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पानी की कमी से किसानों की गेहूं की फसल सूखने की कगार पर है।
-मनीष यादव (किसान नेता)
आधा सैकड़ा गांवों में सिंचाई होगी प्रभावित
औरैया। औरैया जिले में बंबा व रजबहे भरपूर हैं। नहर विभाग की रिपोर्ट की माने तो जिले में शाखा इटावा नहर से निकलने वाले बंबों में बूढा़दाना, माइनर ममरेजपुर, बिलराई, कुठर्रा, आमपुर, पीपरपुर आदि आधा सैकड़ा गांवों में सिंचाई का प्रमुख साधन हैं। इसी प्रकार रजबहा मोहम्मदाबाद से साम्हो, पैतुआ, लिधौरा, नल्हूपुर व हरचंद्रपुर नहर से असेनी कनमऊ समेत 15 से 20 गांव जुड़े हैं। मंगलपुर रजबहे से दहगंवा, गहलापुर, सितौरा, नुनारी समेत कई गांव जुड़े हैं। वहीं, दिबियापुर माइनर से मधवापुर से लेकर टेल तक के दो दर्जन से अधिक गांवों में सिंचाई के लिए पानी पहुंचता है।
कोट.............
बंबा में बंधा लगाकर पानी रोकना गलत है। यह नियम विरुद्घ है। ऐसे लोगों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अधिशासी अभियंता (सिंचाई खंड औरैया)