बरमदेव बाबा के दर्शन को उमड़ी भीड़
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कंचौसी क्षेत्र में बाबा बरमदेव मंदिर पर तीन दिवसीय मेला शुरू हो गया है। बरमदेव के दरबार को रोशनी से सजाया गया है। चैत्र मास की पूर्णिमा पर लगने वाले इस मेले में कन्नौज, जालौन और कानपुर देहात आदि जनपदों के भक्तों के झंडा-जवारे चढ़ाने और मत्था टेकने का सिलसिला शुरू हो गया है। मान्यता है कि दरबार में आकर मांगी गई मुरादों को बाबा बरमदेव पूरी करते हैं। मंदिर परिसर में तीन दिनों के लिए मेला भी लगता है।
भाग्यनगर ब्लाक के जमौली गांव में स्थित बाबा बरम देव के मंदिर पर हर चैत्र मास की पूर्णिमा पर मेले का आयोजन किया जाता है। इस बार भी शुक्रवार सेे चैत्र पूर्णिमा पर्व को लेकर मंदिर परिसर में मेला आयोजित किया गया है। मेला परिसर में अभी से दुकानें सज गई हैं। मेले में सौंदर्य प्रसाधन से लेकर घरेलू उपयोग की वस्तुएं घड़ा, सुराही, खेल खिलौने आदि की दुकानें लगी हैं। पुजारी बेचे बाबा ने बताया कि इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई सभी मुरादों को बाबा बरमदेव पूरी करते हैं।
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1962 में हुई मेले की शुरुआत
ग्राम जमौली के पूर्व प्रधान एवं मेला आयोजन समिति के संरक्षक सोनेलाल कुशवाहा बताते हैं कि बाबा बरमदेव के स्थान पर मेले की शुरुआत साल 1962 में हुई थी। उस समय बसपा के पूर्व विधायक शेखर तिवारी के साहित्यकार पिता केके तिवारी ने मुराद पूरी होने पर मंदिर परिसर में मेले का आयोजन कराया था।
मेले संग रामलीला का भी आयोजन
वर्ष 2016 के मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह गौर, प्रबंधक प्रधान गोपी चंद्र यादव ने बताया कि बरम देव बाबा मंदिर परिसर में मेले के साथ ही रामलीला मंचन भी होता है। शाम के समय रामलीला में 22 अप्रैल को राम-सीता वनवास तथा 23 अप्रैल को नारद मोह भंग की लीलाओं का मंचन होगा।
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