बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी छुट्टियों की लिस्ट में।
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परिषदीय स्कूलों एवं सरकारी संस्थानों में सोमवार को अवकाश रहा। यह अवकाश पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती पर था, लेकिन शिक्षा विभाग के शैक्षिक अवकाश कलेंडर में अवकाश की वजह चंद्रशेखर आजाद जयंती लिखा हुआ है। विभाग की इस चूक पर कोई भी अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
शिक्षा विभाग की ओर से जारी अवकाश कलेंडर को लेकर तरह- तरह की चर्चाएं होती रही। कुछ लोगों ने इसे सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया। इस वजह से शिक्षा विभाग की स्थिति को लेकर लोग कमेंट करते रहे। मालूम हो कि शैक्षिक छुट्टियों की लिस्ट में 18 वें क्रमांक पर छुट्टी के सामने देश के अमर वीर सपूत चंद्रशेखर आजाद की जयंती लिखा गया है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के अधिकारी बात करने से कतराते रहे। ज्यादातर लोगों ने यही कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षा सचिव की संस्तुति पर उत्तर प्रदेश शिक्षा परिषद की ओर से कलेंडर जारी किया जाता है। बीएसए ने तो फोन ही नहीं उठाया।
बच्चे नहीं जानते आज क्यों है छुट्टी
परिषदीय विद्यालयों में 17 अप्रैल को अवकाश रहा। बच्चों ने छुट्टी मना ली, लेकिन यह छुट्टी क्यों है, इस बारे में वे नहीं जानते। नगर के रोडवेज के पास रहने वाले छात्र विक्रम, अजय छुट्टी के लिए घूम रहे थे। स्कूल में किस वजह से छुट्टी की गई है, वे यह नहीं बता सके। इसी तरह अछल्दा के गुनौली गांव निवासी कक्षा पांच के छात्र संजय, राहुल आदि से छुट्टी की वजह पूछी गई तो वे नहीं पता सके। आज किसकी जयंती है, इस सवाल को भी वे नहीं पता पाए।
पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर है छुट्टी
बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर बलिया के रहने वाले थे। उनके बेटे नीरज शेखर सपा नेता हैं। वर्तमान में वे राज्यसभा के सदस्य हैं। अखिलेश सरकार ने 2015 में चंद्रशेखर की जयंती (17 अप्रैल) को राजनीतिक रंग देते हुए छुट्टी घोषित की थी। मजेे की बात यह है कि अखिलेश सरकार ने 2015 में ही 24 जनवरी को बिहार के प्रमुख नेता कर्पूरी ठाकुर के नाम पर छुट्टी घोषित की थी। उससे पहले 23 दिसंबर में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर भी सूबे में छुट्टी का ऐलान किया गया था। महापुरुषों के नाम पर छुट्टियों का चलन वोटों की राजनीति का हिस्सा माना जाता है।