औरैया। मकसद था परिवहन विभाग का औरैया में ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक बनाने का, लेकिन राजस्व विभाग परिवहन विभाग को इस प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए जमीन मुहैया नहीं करा सका।
जो जमीन परिवहन विभाग को दिखाई भी गई, वह प्रोजेक्ट के अनुकूल नहीं दिखी। जमीन निचली होने की वजह से परिवहन विभाग ने उसे रिजेक्ट कर दिया। ऐसे में परिवहन विभाग का हाईटेक ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने का प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में चला गया है।
पुराने वाहनों में सुरक्षा एवं मापदंडों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘इंस्पेक्शन एंड सर्टिफिकेशन सेंटर’ की स्थापना की जानी है। इसके लिए करीब तीन एकड़ भूमि की आवश्यकता है। इसके अलावा ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पूर्व अभ्यर्थियों की वाहन चलाने संबंधी योग्यता की समुचित जांच के लिए ऑटोमेटिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक स्थापित किया जाना है।
यह लगभग दो एकड़ भूमि में स्थापित किया जाना है। सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से दोनों प्रोजेक्ट करीब पांच एकड़ के एक ही भूखंड पर स्थापित किए जाने हैं। यह जमीन निशुल्क उपलब्ध कराई जानी है।
इसके लिए परिवहन विभाग ने जिला प्रशासन से जमीन मांगी थी। आदेश पर राजस्व विभाग ने परिवहन विभाग को ककोर समीप एक जमीन दिखाई थी, लेकिन जमीन समतल के बजाय निचली निकली।
ऐसे में उस जमीन पर ट्रैक तैयार करना मानकों के अनुरूप नहीं था। लिहाजा विभाग ने राजस्व विभाग द्वारा दिखाई गई जमीन को खारिज कर दिया। साथ ही दूसरी जमीन दिखाने की मांग रखी गई है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) सुदेश तिवारी ने बताया कि जमीन न मिलने की वजह से यह प्रोजेक्ट अभी तक धरातल पर नहीं आ सका है। राजस्व विभाग से दूसरी जमीन की मांग की गई है।