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18 गोल्डन कार्ड निरस्त, एक सीएससी का लाइसेंस निलंबित

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औरैया। गरीबों के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के 18 गोल्डन कार्ड गलत निर्गत हो गए। जब पात्रों ने इसकी लिखित शिकायत सीएमओ से की तो पूरे मामले की जांच की गई। जांच में पाया गया कि इन 18 लोगों के नाम से दूसरों को कार्ड दे दिए गए हैं। जिस पर विभाग ने तत्काल उन 18 कार्डों को निरस्त कर पुन: इन 18 लोगों के नाम से सही कार्ड निर्गत किए। विभागीय अधिकारी इस मामले को त्रुटि बता रहे हैं। इधर एक कामन सर्विस सेंटर संचालक ने अपने नाम से अपना ही गोल्डन कार्ड बनवा लिया, जिस पर जांच होने पर उस सेंटर का लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। जिले में कुल 300 सर्विस कॉमन सेंटर चल रहे हैं।
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इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ज्योतींद्र मिश्रा ने बताया कि कुछ दिन पहले सोनासी गांव के रमेश चंद्र, बनारसीदास मोहल्ले के रहने वाले श्रीकृष्ण, शिवप्रेम निवासी पुरवा दीक्षित और कृष्ण लाल निवासी हीरा का पुरवा समेत 18 पात्रों ने उनसे लिखित शिकायत की थी कि पत्रक आने के बावजूद उनके गोल्डन कार्ड नहीं बने हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते सभी शिकायतकर्ताओं की शिकायतों को सीएमओ डॉ. एके राय के पास भेजा गया। सीएमओ ने इस मामले की जांच कराई तो पाया कि इन सभी के नाम से गोल्डन कार्ड सेम नाम से दूसरे व्यक्तियों को निर्गत कर दिए गए है। विभाग ने इस त्रुटि को स्वीकार करते हुए सभी निर्गत किए गए 18 कार्डों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया और उसके स्थान पर पात्र 18 लोगों के नाम से पुन: गोल्डन कार्ड निर्गत किए गए।
इधर, एक सीएससी (कामन सर्विस सेंटर) के संचालक ने गड़बड़ी कर अपना खुद का गोल्डन कार्ड बना लिया। यह मामला भी संज्ञान में आने पर उसका गोल्डन कार्ड निरस्त करने के साथ ही सीएससी की आईडी भी निरस्त कर दी गई है। बता दें कि साल भर पहले प्रधानमंत्री ने गरीबों के लिए गंभीर बीमारियों से निशुल्क इलाज के लिए प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ किया था, जिसमें पात्रों को पांच लाख रुपये तक का इलाज निशुल्क किया जाना था। जिले में योजना के तहत 94 हजार 803 परिवार के लाभार्थियों को चयनित किया गया है। योजना का लाभ लेने के लिए हर पात्र के पास गोल्डन कार्ड का होना जरूरी है। जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. ज्योतींद्र मिश्रा ने बताया कि अब तक 60417 पात्रों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं।
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