औरैया। इटावा महोत्सव में चल रहे चंबल टूरिज्म कैंप में ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी दी जा रही है। इको टूरिज्म को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। नवंबर-दिसंबर के महीने में हर वर्ष होने वाला आयोजन इस बार 31 जनवरी से 1 मार्च तक आयोजित हो रहा है। इटावा महोत्सव के विकास प्रदर्शनी में लगी ‘चंबल पर्यटन’ प्रदर्शनी लोगों को अपनी तरफ आकर्षित कर रही है। चंबल टूरिज्म कैंप पर जानकारी लेने वालों का देर रात तक जमावड़ा लगा रहता है। ‘चंबल फाउंडेशन’ पर्यटन के बारे में जानकारी दे रहा है।
चंबल पर्यटन कैंप में विभिन्न मानचित्रों, तस्वीरों, जड़ी-बूटियों, दस्तावेजों आदि के बारे में जानकारी दी जा रही है। चंबल रीजन के तीन प्रदेशों के 7 जनपदों इटावा, औरैया, जालौन, बाह (आगरा) भिंड, मुरैना और धौलपुर का पर्यटन मानचित्र भी लगाया गया है, जिसमें सामाजिक - सांस्कृतिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों पर फोकस के साथ स्थानीय खान-पान की भी जानकारी दी जा रही है।
औरैया में पर्यटन स्थल: विश्नोई किसान पौधशाला, देवकली मंदिर, शेरगढ़ घाट, मंगला काली मंदिर, सेंगुर नदी, कुदरकोट, चौधरी राम प्रसाद पाठक स्मारक, अस्ता गांव, बलदेव सिंह की गढ़ी, जनमेजय नाग यज्ञ स्थल, सर्वाधिक दस्यु प्रभावित गांव-कैथोली, पूर्व बागियों से मुलाकात, भैंसौल की हवेली, नील की कोठी, एशिया का पहला गोबर गैस प्लांट आदि प्रमुख हैं।