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Auraiya News: औरैया का बाजरा, सरसों और लहसुन विदेश में जमाएगा धाक

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रुरुगंज क्षेत्र में लहलहाती लहसुन की फसल। - फोटो : संवाद
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औरैया। बासमती चावल की तर्ज पर अब औरैया का बाजरा, सरसों व लहसुन विदेश में धाक जमाएगा। इन फसलों की पैदावार करने वाले किसान खुद ही विदेशी बाजार में निर्यात करेंगे। किसानों को अच्छा मुनाफा भी होगा।
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इसके लिए कृषि विपणन विभाग ने निर्यातक नीति में इन फसलों को शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। निर्यात की यह व्यवस्था फार्मर प्रोड्यूसर आर्गेनाइजेशन (एफपीओ) के जरिए की गई है। न्यूनतम 50 हेक्टेयर पर एक क्लस्टर बनेगा। निर्यात पर सरकार ट्रांसपोर्ट, जांच व प्रोसेसिंग यूनिट पर अनुदान देगी। इससे किसानों की आर्थिक दुरुस्त होगी।
जनपद में वर्तमान समय में 26 एफपीओ हैं। कहीं न कहीं इन एफपीओ को मजबूती देने में अभी तक अनदेखी की जा रही थी। अब इन एफपीओ पर सरकार की नजर पड़ी है। इन किसान समूहों को निर्यातक बनाकर उपज को विदेशी व्यापार से जोड़ा जाएगा। अभी तक जिले से निर्यात के तौर पर महज बासमती चावल को आढ़ती ट्रेड कर रहे हैं।
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अब कृषि विपणन विभाग की ओर से शासन को भेजे गए प्रस्ताव में एफपीओ को मजबूती देने पर जोर दिया गया है। इसमें जिले की मुख्य फसलों में बाजरा, सरसों व लहसुन को निर्यात नीति में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है। इन फसलों का जनपद में अच्छा खासा दायरा है। बड़ी संख्या में अन्नदाता इन फसलों की पैदावार करते हैं।
स्थानीय मंडियों में किसानों को उचित भाव भी नहीं मिल पाता है। किसानों को अच्छा मुनाफा देने के लिए यह प्रस्ताव मील का पत्थर साबित होगा। खास बात यह है कि प्रत्येक फसल के लिए न्यूनतम 50 हेक्टेयर का एक क्लस्टर बनेगा। जिसका राजस्व विभाग की ओर से सर्वे व सत्यापन होगा।
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संस्तुति के बाद इन फसलों को एफपीओ के जरिए निर्यात किया जाएगा। उपज देने वाले किसानों को मोटा मुनाफा होगा। (संवाद)
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