औरैया। किसानों का गेहूं खरीदने के लिए भले ही जिले में सरकारी तौर पर 65 खरीद केंद्र खोले गए हैं, लेकिन एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी इनमें खरीद की बोहनी तक नहीं हुई।
उधर किसान फायदे का सौदा देख मंडी में नकद गेहूं बेच रहे हैं। मंडी आढ़तों पर जहां तमाम झंझट से बचने के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं क्रय केंद्रों पर खरीद करना मुश्किल हो रहा है।
शहर की गल्ला मंडी में गेहूं की आवक शुरू हो चुकी है। प्रतिदिन करीब 200 से 250 क्विंटल गेहूं मंडी पहुंच रहा है। मंडी में गेहूं का भाव 2040 से 2050 रुपये प्रति क्विंटल हैं।
सरकार ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। ऐसे में बाजार मूल्य समर्थन मूल्य से अधिक होने के कारण किसान सीधे आढ़ती को अपनी उपज बेच रहे हैं।
मंडी में करीब 250 पंजीकृत आढ़ती हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते गेहूं के दामों में वृद्धि मुख्य कारण बताया जा रहा है। दोनों देश गेहूं के मुख्य निर्यातक देश हैं।
ऐसे में गेहूं के दाम इस बार और अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद के लिए क्रय केंद्र सभी तैयारियों के साथ खुले चुके हैं, लेकिन किसी भी केंद्र पर अभी तक बोहनी नहीं हुई है। इसके पीछे किसान तमाम झंझट से बचने और आढ़तों पर नकदी का सौदा होना बता रहे हैं।
बोले जिम्मेदार
जिले में गेहूं की बुवाई विलंब से हुई थी। इसके चलते गेहूं की कटाई देर से शुरू हुई है। 15 अप्रैल के बाद क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू होने की संभावना है। अभी किसान पंजीकरण करा रहे हैं। - सुधांशू शेखर चौबे, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
फोटो 07 एयूआरपी -36 - खाद्य विभाग के क्रय केंद्र पर पसरा सन्नाटा। संवाद- फोटो : AURAIYA