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रासायनिक खादों ने उजाड़ दी धरती मां की कोख

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फोटो26एयूआरपी13 - बिरिया गांव में खाली पड़ा खेत। संवाद - फोटो : AURAIYA
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औरैया। अधिक उत्पादन की चाह में बढ़ते रासायनिक खादों के उपयोग ने मिट्टी की उर्वरक क्षमता को कम कर दिया है। यदि ये हालात रहे, तो वह दिन दूर नहीं होगा, जब भूमि बंजर हो जाएगी।
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कृषि विभाग मिट्टी की गुणवत्ता जांचने और किसानों को खेतों की आवश्यकता के अनुरूप खाद का प्रयोग करने की सलाह भले ही देता है लेकिन किसान अधिक उत्पादन की चाहत में अपनी ही भूमि की गुणवत्ता को प्रभावित करने में लगे हैं।
हालात ये हैं कि मिट्टी में जीवाश्म कार्बन के साथ नाइट्रोजन और फास्फोरस समेत कई पोषक तत्वों की कमी हो गई है। विभागीय रिपोर्ट के अनुसार एरवाकटरा व सहार क्षेत्र की मिट्टी की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
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यहां पर फास्फोरस की कमी से फसलों के तने कमजोर हो रहे हैं और फलियां भी मजबूत नहीं हो रही हैं। इसका फसलों के उत्पादन पर भी असर पड़ रहा है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि जैविक खादों का प्रयोग करके मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के साथ पैदावार बढ़ाई जा सकती है।
इतनी होनी चाहिए पोषक तत्वों की मात्रा
कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के प्रभारी डॉ.अनंत कुमार ने बताया कि मृदा में जीवाश्म कार्बन 0.5 से 7.5 प्रतिशत होना चाहिए। नाइट्रोजन 240 से 480 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर, फास्फोरस 1122 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर, पोटेशियम 110 से 180 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर होना चाहिए।
वर्ष 2015-16 में शासन के निर्देश पर मिट्टी के परीक्षण का कार्य शुरू किया गया था। जिले में वर्ष 2015-16 में 70142, वर्ष 2016-17 में 96532, 2017-18 में 95998, 2018-19 में 119187 व 2019-20 में 2396 मिट्टी के नमूनों की जांच कर किसानों को मृदा कार्ड बांटे गए थे। अब तक जिले में 384215 किसानों को मृदा कार्ड बांटे गए हैं।
ब्लाक वार मिट्टी में पोषक तत्वों की मात्रा
पोषक तत्व एरवाकटरा सहार अजीतमल अछल्दा बिधूना भाग्यनगर औरैया
जीवाश्म कार्बन बहुत कम बहुत कुम कम कम कम कम कम
नाइट्रोजन बहुत कम बहुत क म कम कम कम कम कम
फास्फोरस बहुत कम बहुत कम कम बहुत कम कम कम कम
पोटाश अधिक अधिक अधिक अधिक अधिक अधिक अधिक
सामान्य पोषक तत्वों की स्थिति
सूक्ष्म पोषक तत्व एरवाकटरा सहार अजीतमल अछल्दा बिधूना भाग्यनगर औरैया
जिंक सामान्य सामान्य कम कम सामान्य सामान्य सामान्य
लोहा सामान्य सामान्य अधिक अधिक अधिक अधिक अधिक
मैगनेट अधिक अधिक कम सामान्य कम कम कम
तांबा अधिक अधिक कम अधिक सामान्य सामान्य सामान्य
गंधक सामान्य सामान्य अधिक सामान्य अधिक अधिक अधिक
बोरान अधिक कम सामान्य अधिक सामान्य सामान्य अधिक
खेती की लागत अधिक हो गई है। रासायनिक खाद का प्रयोग न करें तो पैदावार अच्छी नहीं होगी और न ही लागत निकल पाएगी। - सज्जन अवस्थी, किसान, सहायल
रासायनिक खाद का प्रयोग अधिक होने से मिट्टी खराब होती जा रही है। इसके सुधार के लिए कदम उठाना चाहिए। - चांटी यादव, किसान, सहायल
खेतों की मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए पोषक तत्वों की अधिक आवश्यकता है। इसके लिए किसान जैविक खाद का प्रयोग अधिक करें। इससे मिट्टी की सेहत में भी सुधार होगा। - शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी
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