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दिबियापुर विधानसभा में दावेदारों के बीच मचा घमासान

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दिबियापुर (औरैया)। विधानसभा चुनाव की डुगडुगी बज चुकी है। लेकिन अभी तक दिबियापुर सामान्य सीट से सपा और भाजपा के प्रत्याशियों की घोषणा न होने के कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यहां दावेदारों के बीच प्रत्याशिता पक्की करने को लेकर घमासान मचा हुआ है।
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वर्ष 2012 में हुए नए परिसीमन में अजीतमल एवं औरैया तहसीलों के कई हिस्सों को जोड़कर दिबियापुर विधानसभा का गठन किया गया। नए परिसीमन में अजीतमल विधानसभा को समाप्त कर औरैया सीट को सुरक्षित (अनुसूचित) घोषित कर दिया गया। आजादी के बाद से सामान्य सीट रही औरैया सदर के सुरक्षित हो जाने के बाद यहां के नेताओं के लिए सबसे मुफीद सीट दिबियापुर विधानसभा मानी जाने लगी। आलम यह है कि दो बार दिबियापुर विधानसभा से चुनाव हुए। यहां पर औरैया और इटावा के कई दावेदारों ने अपनी किस्मत भी आजमाई।
वर्ष 2012 में प्रदेश के पूर्व मंत्री सत्यदेव त्रिपाठी कांग्रेस से अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। अब वह भाजपा में शामिल हो चुके हैं। पिछले दिनों वह अपने पुत्र के साथ दिबियापुर विधानसभा में वोटरों की नब्ज टटोलने आ चुके हैं। पूर्व राज्यमंत्री रामजी शुक्ला भी बसपा से चुनाव लड़ चुके हैं। इटावा से पूर्व ब्लाक प्रमुख शिवप्रताप राजपूत ने भी 2012 में भाजपा से चुनाव लड़ा था। हालांकि वर्ष 2012 में पूर्व सांसद प्रदीप यादव ने सपा से चुनाव लड़कर जीत दर्ज की थी। दूसरी बार में सपा से प्रदीप यादव एवं भाजपा के लाखन सिंह राजपूत ने चुनाव लड़ा था। भाजपा के लाखन सिंह राजपूत ने जीत दर्ज की थी। अब तक आम आदमी पार्टी ने अंकिता यादव एवं बसपा ने अरुण कुमार उर्फ लाल दुबे को प्रत्याशी घोषित किया है। भाजपा और सपा से कई दावेदार अपनी प्रत्याशिता पक्की करने के लिए जोड़ तोड़ में लगे हैं।
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विकास की असीम संभावनाएं होने के कारण जिले भर की निगाहें
विधानसभा दिबियापुर में विकास की असीम संभावनाएं होने के कारण जिले भर की निगाहें इसकी ओर रहतीं हैं। भारत सरकार महारत्न सार्वजनिक उपक्रम गेल एवं एनटीपीसी दिबियापुर में स्थित हैं। जबकि दिबियापुर क्षेत्र में ही जिले का मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन है। लगभग तीन हजार करोड़ का यूएम पावर का औद्योगिक पार्क, लगभग 249 करोड़ रुपये की प्लास्टिक सिटी परियोजना प्रस्तावित है।
जो विधायक जीता, उसी की बनी सरकार
विधानसभा दिबियापुर में दो बार विधानसभा के चुनाव हुए। यहां से जिस राजनीतिक पार्टी का विधायक चुना गया, उसी पार्टी की सरकार सत्ता में आई। इसका फायदा दिबियापुर विधानसभा के लोगों को भी हुआ। पहली बार सपा के प्रदीप यादव विधायक बने। उनके कार्यकाल में औरैया से फफूंद मार्ग बना, नहर किनारे सैफई रूरा लिंक सड़क मार्ग बना, असेनी से औरैया तक सड़क मार्ग पर गड्ढों से मुक्ति मिली थी। जबकि वर्ष 2017 में भाजपा से विधायक बने लाखन सिंह राजपूत के कार्यकाल में दिबियापुर विधानसभा में राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हुआ। दिबियापुर में सरकारी बस अड्डे का निर्माण हुआ। अन्य कई परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ।
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