फोटो 02 एयूआरपी -1 - परिषदीय विद्यालय में बंद अन्ना गोवंश। संवाद
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औरैया। सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत तुर्कीपुर के किसानों का रविवार को धैर्य जवाब दे गया। फसलों को तबाह कर रहे करीब 50 से अधिक अन्ना पशुओं को घेरकर स्कूल में बंद कर दिया। घटना की जानकारी पर पहुंचे सीओ सदर और किसानों के बीच अन्ना पशुओं को स्कूल में बंद करने को लेकर कहासुनी भी हुई। हालांकि बाद में प्रशासन ने स्कूल में बंद किए गए पशुओं को दिबियापुर स्थित उमरी गांव स्थित स्थायी गोशाला में पहुंचाया। तब कहीं जाकर किसानों का गुस्सा शांत हुआ।
अन्ना पशुओं के आतंक से क्षेत्र के किसानों को निजात नहीं मिल पा रही है। जिससे किसानों को रात की नींद और दिन का चैन छिन गया है। झुंड में घूम रहे अन्ना पशु पलक झपते ही फसलों को चर रहे हैं। किसानों की हजारों रुपये की लागत और मेहनत पर पानी फिर रहा है। रविवार की सुबह करीब आठ बजे तुर्कीपुर के पचास से अधिक किसानों ने खेतों में फसलों को चर रहे अन्ना पशुओं को दौड़ाकर गांव के कंपोजिट विद्यालय में बंद कर दिया।
घटना की सूचना पर पहुंचे सीओ सदर सुरेंद्र नाथ यादव और किसानों के बीच कहासुनी भी हुई। किसानों ने कहा कि जब तक इन अन्ना पशुओं को गोशालाओं में नहीं भेजा जाएगा, तब तक यह अन्ना पशु स्कूल में बंद रहेंगे। किसानों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम सदर मनोज कुमार ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हेमचंद्र को जानकारी दी। जिस पर उन्होंने स्कूूल में बंद अन्ना पशुओं को वाहनों के माध्यम से उमरी स्थित वृहद गोशाला भिजवाया गया। इसके बाद किसानों को गुस्सा शांत हुआ।
किसान बोले
अन्ना पशुओं का आतंक कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। रात-रात भर जागकर फसलों की रखवाली करने के लिए विवश हैं। थोड़ी सी चूक होने पर यह अन्ना पशु फसल चट कर जाते हैं। - धीरेंद्र सिंह, तुर्कीपुर
मिर्जापुर बैरमशाह में स्थायी गोशाला खुलने से भी कोई फायदा नहीं हुआ। क्षेत्र में बड़ी संख्या में अन्ना पशु घूम-घूम कर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। प्रशासन इन्हें रोकने में अक्षम साबित हो रहा है। - राजीव कुमार, तुर्कीपुर
बोले जिम्मेदार
तुर्कीपुर के किसानों ने अन्ना पशुओं को परिषदीय विद्यालय में बंद कर दिया था। सभी अन्ना पशुओं को दिबियापुर स्थित उमरी की स्थायी गोशाला में वाहनों के माध्यम से भेज दिया गया है। - हेमचंद श्रीवास, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।