अजीतमल (औरैया)। आईआईटियन अनिवेश चतुर्वेदी द्वारा बनाई गई डिश वॉशर मशीन का आईआईटी कानपुर की टीम ने निरीक्षण किया। मौके पर मशीन का संचालन देखने के साथ अन्य तकनीकी विशेषताएं परखीं। टीम ने आईआईटी कानपुर के हॉस्टल में मशीन इंस्टॉलेशन का प्लान तैयार किया। टीम ने 32 आईआईटी/ एनएनआईटी कॉलेज सहित बड़े संस्थानों में भी मशीन लगाने के लिए प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
तकनीकी विशेषज्ञों की टीम में आईआईटी के प्रोफेसर अमिताभ बंदोपाध्याय ने पोर्टफोलियो मैनेजर अनिमेष मिश्रा व मीडिया मेंबर ऋषभ के साथ रविवार को बाबरपुर कस्बा स्थित टेकोरेंज इंजीनियरिंग लिमिटेड पहुंचे। टीम डिश वॉशर मशीन का भौतिक निरीक्षण करने पहुंची थी। डिश वॉशर मशीन में धुलाई, सफाई, ड्रायर, सैनिटाइजर सिस्टम व्यवस्था देखकर सभी सदस्य प्रभावित हुए।
इस दौरान उन्होंने वायर क्रिम्पिंग मशीन, छोटी गलियों व जगहों के लिये तैयार की गई ड्रिल मशीन आदि का अवलोकन किया। प्रोडक्ट व प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी ली। अनिवेश चतुर्वेदी ने बताया कि उनके द्वारा बनाई गई डिश वॉशर देश में निर्मित पहली मशीन है। आईआईटी कानपुर ने इसके लिए आर्डर भी दिया है। यह आईआईटी के होल सेवन हॉस्टल में लगाई जाएगी। जहां किसी बड़े समारोह में भी प्लेटें आदि को धोने में काम आएगी। इसके लिए किसी कर्मचारी या मजदूर की आवश्यकता नहीं होगी। कोरोना जैसी महामारी व संक्रमित बीमारियों को देखते हुए अब किसी को भी जूठी थाली धोने की जरूरत नही है।
प्रोफेसर अमिताभ बंदोपाध्याय ने बताया कि अनिवेश चतुर्वेदी निश्चित ही युवाओं के लिये प्रेरणास्रोत हैं। उनकी पहल से कई लोगों को रोजगार भी मिला है। उनकी इस उड़ान में आईआईटी हमेशा सहयोग करेगा।