फोटो24एयूआरपी 17- खंदी बन जाने से धंसा ट्यूबवेल
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औरैया। पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत मोहल्ला नरायनपुर में स्थित ट्यूबवेल की जमीन बुधवार को अचानक धंस गई। इससे पंप फुंक गया और पांच सौ से अधिक घरों की पेयजलापूर्ति लड़खड़ा गई है। ट्यूबवेल को ठप हुए 35 घंटे बीतने के बाद भी पालिका प्रशासन की ओर से इसके मरम्मत का काम शुरू नहीं कराया गया। जिससे भीषण गर्मी में पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है।
औरैया पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत 42 करोड़ रुपये की लागत से शहर की पानी की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए 2016-17 में चार पानी की टंकियां, 17 ट्यूबवेल, चार अंडरग्राउंड वाटर टैंक के अलावा 180 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाने का काम किया गया था। इस योजना के तहत मोहल्ला नरायनपुर में बंबा के पास स्थापित किया गया ट्यूबवेल की जमीन चार साल में ही मंगलवार को धंस गई। जिससे मशीन भी फुंक गई। इसकी जानकारी कर्मचारियों को तब हुई जब बुधवार की सुबह लगभग आठ बजे पंप चलाने के लिए ऑपरेटर पहुंचा, तो वहां की स्थिति देखकर भौचक्का रह गया। लगभग 10 फुट से ज्यादा गहरा गड्ढ़ा बना देख ऑपरेटर ने तत्काल इसकी जानकारी पालिका जलकल जेई विकास चौहान को दी। जिस पर जेई ने मौके पर जाकर स्थिति देखी। इसके उपरांत मरम्मत करने वाले ठेकेदार को बुलाकर पंप ठीक करने के निर्देश दिए गए। गुरुवार शाम तक मरम्मत का काम शुरू नहीं किया जा सका था। ट्यूबवेल जमीन में धंस जाने से दो दिनों से इससे जुड़े मोहल्ले आर्य नगर, भीखमपुर आंशिक, बदनपुर, होमगंज के लगभग 500 से अधिक घरों की पेयजलापूर्ति लड़खड़ा गई है। जिससे लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर रहे।
पानी के लिए भटकते रहे लोग
बुधवार सुबह से लेकर गुरुवार शाम तक लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहे। लोगों को पता नहीं था कि नलकूप धंस गया है। इसको लेकर कस्बे के लोग इंतजार करने के साथ ही नगर पालिका कर्मचारियों से संपर्क करते रहे। किसी ने उन्हें सही जवाब नहीं दिया। इसके चलते लोग इधर-उधर पानी की तलाश में भटके।
जिम्मेदार बोले
ट्यूबवेल नहीं बैठा है। उसकी गिट्टी धंस गई है। उसको ठीक कराया जा रहा है। जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
-बलवीर सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद