औरैया। सात वर्ष पहले पत्नी की हत्या के दोषी को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रामनेत ने उम्रकैद व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। झगड़े की चश्मदीद गवाह मृतका की पुत्री ने अपने पिता के विरुद्ध गवाही दी। दोषी ने थाना बेला क्षेत्र के ग्राम सहमऊ में सिलबट्टे से घटना को अंजाम दिया था।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश कुमार पोरवाल के अनुसार मृतका के पिता वादी कुतुबदीन निवासी नेवादा दरिया थाना शिवराजपुर (कानपुर) ने थाना बेला में रिपोर्ट लिखाई। इसमें बताया कि बेटी भूरी उर्फ नाजमाबानो की शादी 21 जून 2006 को मो.गुड्डु पुत्र नूर मोहम्मद निवासी ग्राम सहमऊ (बेला) से हुई थी। अब 30 वर्ष की है। दामाद अक्सर बेटी को परेशान करता था। 27 अगस्त 2013 की रात लगभग 12 बजे दामाद ने बेटी के सिर पर सिलबट्टे से वार कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। इस झगड़े एवं मारपीट की सारी घटना को नातिन अंजुम (07) ने देखा।
घटना के बाद से जिला कारागार इटावा में निरुद्ध मोहम्मद गुड्डु को सजा दिलाने में चश्मदीद गवाह मृतका की बेटी अंजुम ने कोर्ट में गवाही दी। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद एडीजे फास्ट ट्रैक रामनेत ने हत्याभियुक्त मोहम्मद गुड्डु को आजीवन कारावास व दस हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। अधिवक्ता शिवम शर्मा ने बताया कि कोर्ट ने जुर्माने से पांच हजार रुपया वादी को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का आदेश दिया।