अजीतमल। कृषि भूमि के विक्रयपत्र में कम स्टांप और निबंधन शुल्क जमा करने का मामला सामने आया है। न्यायालय ने क्रेता पर 124590 रुपये की धनराशि आरोपित की है। यह मामला 27 दिसंबर 2024 को निष्पादित विक्रयपत्र से जुड़ा है।
आरोपित धनराशि में 78850 रुपये कमी स्टांप शुल्क, 15820 रुपये कमी निबंधन शुल्क, 29820 रुपये ब्याज और 100 रुपये अर्थदंड शामिल हैं। उपनिबंधक अजीतमल की 27 जनवरी 2026 की आख्या के अनुसार, ज्ञान सिंह ने ओम जी पोरवाल को मौजा शहबाजपुर स्थित गाटा संख्या 264 की 0.03675 हेक्टेयर भूमि बेची थी।
स्थल निरीक्षण में यह गाटा संख्या जनपदीय मार्ग पर दर्ज पाया गया। राजस्व ग्राम शहबाजपुर को विकासशील बताते हुए भूमि का मूल्यांकन आवासीय दर से किया गया। 367.5 वर्गमीटर भूमि का कुल मूल्यांकन 19.87 लाख रुपये आंका गया। इस पर 99350 रुपये स्टांप शुल्क और 19870 रुपये निबंधन शुल्क देय था।
क्रेता द्वारा केवल 20500 रुपये स्टांप शुल्क और 4050 रुपये निबंधन शुल्क जमा किया गया था। इससे कुल 94670 रुपये राजस्व की कमी सामने आई। नोटिस जारी होने पर क्रेता अधिवक्ता के साथ न्यायालय में उपस्थित हुआ। उसने कमी की धनराशि जमा करने की सहमति दी और अर्थदंड न लगाने का अनुरोध किया। न्यायालय ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए 100 रुपये अर्थदंड लगाया और धनराशि जमा कराने के बाद पत्रावली दाखिल दफ्तर करने के निर्देश दिए।