औरैया। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जिले में 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण अभियान चल रहा है, जो तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। 20 बच्चे पूरे होने पर ही उन्हें वैक्सीन लगाई जा रही है। ऐसा इसलिए ताकि शेष बची वैक्सीन बर्बाद न हो।
50 शैया अस्पताल परिसर में बने वैक्सीनेशन कक्ष में मंगलवार सुबह 10 से डेढ़ बजे तक 11 बच्चे अपने-अपने अभिभावकों के साथ वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे।
जो काफी देर तक यहां 12 से 14 वर्ष के बच्चों के आने का इंतजार करते रहे। मगर, 20 की संख्या पूरी नहीं होने पर इनको बिना वैक्सीन लगवाएं वापस लौटना पड़ा।
हालांकि वैक्सीनेशन केंद्र पर मौजूद कर्मी ने इनका नाम व पता एक रजिस्टर में नोट किया, ताकि अगले दिन इन बच्चों को बैरंग न लौटना पड़े। बता दें कि सुबह के समय जो तीन-चार बच्चे आते है, उनको 20 की संख्या पूरी होने तक इंतजार करना पड़ रहा है।
शहर के होमगंज मोहल्ला निवासी स्मृति शुक्ला अपने 13 साल के बेटे अंश के साथ वैक्सीनेशन केंद्र पर पहुंची। 30 मिनट से अधिक समय तक केंद्र पर इस आश्वासन पर बैठी रही कि शायद 20 बच्चों की संख्या पूरी हो जाए और इनके बेटे को वैक्सीन लगे। टीका कर रहे कर्मियों से पूछा तो वह बोले कि कम से कम 15 से 17 बच्चे हो जाए तो किट खोली जाए। अंत में अंश को बिना वैक्सीन लगवाएं ही लौटना पड़ा।
आवास विकास कालोनी निवासी अनिल कुमार अपने 14 साल के बेटे आर्यन को लेकर वैक्सीनेशन केंद्र पर आए। आर्यन का आधार कार्ड दिखाया। स्टॉफ ने आधार कार्ड लेकर नाम, पता व पिता का नाम एक रजिस्टर में नोट कर लिया। महिला स्टॉफ कर्मी बोली कि थोड़ी देर तक इंतजार कर लीजिए, अभी 11 बच्चे हुए है। अगर अभी किट खोल देंगे और पूरे 20 बच्चे नहीं हुए तो वह खराब हो जाएगी। इतना सुनते ही वह लौट गए।
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एक शीशी में 20 बच्चों की खुराक आती है। 20 बच्चे पूरे होने पर उनको वैक्सीन लगाई जा रही है। यह निर्देश शासन का है। इसलिए ऐसा करना पड़ रहा है, ताकि वैक्सीन किसी भी तरह बर्बाद न हो और सभी को लगाई जा सके। - देव नारायन कटियार, कोविड कंट्रोल रूम प्रभारी।
फोटो-29एयूआरपी-22 अनिल कुमार बेटे आर्यन के साथ केंद्र पर मौजूद। संवाद- फोटो : AURAIYA