गोवंशों के शव देखकर प्रधान, सचिव व संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बावजूद भी शाम तक नहर के झाल में फंसे शवों को बाहर नहीं निकाला गया। मानों अधिकारी शवों के आगे बह जाने का इंतजार कर रहे हों।
औरैया जिला प्रशासन के अधिकारी गोवंशों के लिए बेहतर इंतजामों का दावा करते नहीं थकते, लेकिन आए दिन कोई न कोई बदइंतजामी का उदाहरण सामने आ ही जाता है। मंगलवार सुबह मुरादगंज में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भोगनीपुर नहर में लगभग 12 गोवंशों के शव टकपुरा के पास पानी में उतराते हुए मिले।
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कुछ गोवंशों के शव नहर स्थित झाल (ड्रेन) में फंस गए। इसके अलावा कुछ शवों को नहर किनारे कुत्ते नोचते दिखाई दिए। नहर से दुर्गंध आने पर ग्रामीण नहर के पास पहुंचे। गोवंशों के शव देखकर प्रधान, सचिव व संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बावजूद भी शाम तक नहर के झाल में फंसे शवों को बाहर नहीं निकाला गया। मानों अधिकारी शवों के आगे बह जाने का इंतजार कर रहे हों।
ग्रामीणों ने अन्ना मवेशियों को खदेड़ने और उनके नहर में गिरने से मौत की आशंका जताई है। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि टकपुरा के पास नहर में कुछ गोवंश और भैंस के शव पड़े होने की जानकारी मिली है। मौके पर पंचायत सचिव को भेज कर जांच कराई जा रही है। शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उस पर कार्रवाई की जाएगी।