औरैया। गर्भवती महिलाओं से लेकर सामान्य मरीजों को इलाज देने के लिए गांव स्तर पर खोले गए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अव्यवस्था है। सीएमओ का दावा है कि सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पर्याप्त दवा व जांच हो रही हैं। सोमवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने इसकी पड़ताल की तो दावे खोखले नजर आए। हकीकत में कहीं दवाओं की कमी तो कहीं जांच की किट न होना सामने आया है। इतना ही नहीं जिन आरोग्य मंदिरों में सीएचओ नहीं हैं, वहां एएनएम की ड्यूटी भी नहीं लगाई गई। इससे मरीज मेडिकल कॉलेज व सीएचसी, पीएचसी के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
किट न होने से बिना जांच के बांटी जा रहीं दवाएं
हाईवे से सटे मुरादगंज क्षेत्र में 10 गांव की 10 हजार आबादी के लिए जगतपुर का आयुष्मान आरोग्य मंदिर अहम है। यहां पर रोजाना 20-25 मरीज आते हैं। जगतपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में 1:30 बजे तक सिर्फ आठ मरीज देखे गए थे। यहां पर मलेरिया, डेंगू सहित अन्य जांच की किट उपलब्ध नहीं हैं। मरीज के समस्या बताने पर सीएचओ शशि कुशवाहा दवाएं दे रही हैं। शशि कुशवाहा ने बताया कि जांच किट की मांग भेजी गई है।
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दवाओं का स्टॉक नहीं, सीएचसी भेजने पड़ते मरीज
एरवाकटरा क्षेत्र के बरौनाकलां आरोग्य मंदिर इटावा सीमा से सटा है। इससे पांच गांव की छह हजार की आबादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसी पर निर्भर हैं। सुबह 11:32 बजे तक 10 मरीजों को दवा जा चुकी थी। सीएचओ अजेंद्र कुमार ने बताया कि मल्टीविटामिन, जलने का मलहम, पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए दवाएं ही नहीं है। सीएचओ ने बताया कि कुल 84 तरह की दवाओं के सापेक्ष 73 उपलब्ध हैं। इसके लिए इंडेंट ऑनलाइन किया है, लेकिन सालाना 30 हजार की दवाओं का बजट खर्च होने से दवाएं कम पड़ गई हैं।
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दो साल से बंद है सिरयावा आरोग्य मंदिर
ब्लॉक बिधूना की ग्राम पंचायत सिरयावा आयुष्मान आरोग्य मंदिर दो साल से बंद है। दो साल पहले यहां सीएचओ अमन की तैनाती थी। उनकी दूसरी नौकरी लगने से उसने सीएचओ का पद छोड़ दिया था। अब गांव के लोगों को इलाज के लिए पांच किमी दूर बेला सीएचसी या फिर 15 किमी दूर बिधूना सीएचसी जाना पड़ता है। नियमानुसार जहां सीएचओ नहीं होता, वहां एएनएम की ड्यूटी लगाई जाती, लेकिन सिरयावा में ऐसा नहीं हो रहा।
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टीकाकरण में ही आती एएनएम
बिधूना क्षेत्र के गांव पूर्वा मुले का आयुष्मान आरोग्य मंदिर करीब दो साल से बंद है। यहां सीएचओ की भर्ती न होने से पद रिक्त है। जब टीकाकरण होता है, तो एएनएम यहां आती हैं। ऐसे ही अटसू कस्बा का आयुष्मान आरोग्य मंदिर सोमवार को बंद मिला। एएनएम सुधा ने फोन पर बताया कि वह छुट्टी पर है। सीएचओ का ट्रांसफर हो गया है। मंगलवार को मीटिंग है। ऐसे में अब बुधवार को वैक्सीनेशन होने पर आरोग्य मंदिर खुलेगा।
अभी हाल ही में बुखार आया था। जगतपुर आरोग्य मंदिर में जांच की सुविधा न होने की स्थिति में औरैया जिला अस्पताल में जाना पड़ा था।
-कुलदीप कुमार, मुरादगंज
पेट में दर्द की समस्या थी। बरौनाकलां आयुष्मान आरोग्य मंदिर में दवा न मिलने की स्थिति में एरवाकटरा सीएचसी से दवाएं ली थीं।
-अंकित सेंगर, बरौनाकलां
सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 96 तरह की दवाएं होती हैं। हर तीसरे महीने में सीएचओ को पोर्टल के माध्यम से दवा इंडेंट करना होता है। पोर्टल की लगातार निगरानी भी की जा रही है।
-सुरेंद्र कुमार सिंह, सीएमओ
बरौनाकलां आरोग्य मंदिर में मरीज को परामर्श देते सीएचओ अजेंद्र कुमार। संवाद
बरौनाकलां आरोग्य मंदिर में मरीज को परामर्श देते सीएचओ अजेंद्र कुमार। संवाद
बरौनाकलां आरोग्य मंदिर में मरीज को परामर्श देते सीएचओ अजेंद्र कुमार। संवाद
बरौनाकलां आरोग्य मंदिर में मरीज को परामर्श देते सीएचओ अजेंद्र कुमार। संवाद
बरौनाकलां आरोग्य मंदिर में मरीज को परामर्श देते सीएचओ अजेंद्र कुमार। संवाद
बरौनाकलां आरोग्य मंदिर में मरीज को परामर्श देते सीएचओ अजेंद्र कुमार। संवाद
बरौनाकलां आरोग्य मंदिर में मरीज को परामर्श देते सीएचओ अजेंद्र कुमार। संवाद