-मुकदमा दर्ज करने के नाम पर ठगी करने का था आरोप
-सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद लिया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। एक महिला को आत्महत्या के लिए विवश करने के गंभीर मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी तथाकथित पत्रकार की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला लिया है। कोतवाली पुलिस अभी तक आरोपी को पकड़ नहीं सकी। इस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
वादिनी मुकदमा मेघा चौधरी ने सदर कोतवाली में चार जून मुकदमा दर्ज कराया था। पीड़ित के अनुसार, 20 अप्रैल 2025 को उसके भाई शिवम की मौत हो गई थी। इस घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए जब वे थाने के चक्कर काट रही थीं, तभी उनकी मुलाकात गोविंद नगर निवासी अमित गुप्ता से हुई।
आरोपी अमित गुप्ता ने मृतका रंजना चौधरी (वादिनी की मां) को आश्वासन दिया था कि वह उसकी रिपोर्ट दर्ज करवा देगा, जिसके एवज में उसने 1.50 लाख रुपये ले लिए। कई दिनों तक जब रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई और रुपये वापस मांगे गए, तो आरोपी ने रुपये देने से इंकार कर दिया और गंदी गालियां व धमकियां दीं। इन सब से आहत और मानसिक तनाव के कारण वादिनी की मां रंजना चौधरी ने 30 मई को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया था। बुधवार को इस मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। बचाव पक्ष ने अमित गुप्ता को निर्दोष बताया और उसे झूठा फंसाए जाने की बात कही। वहीं, अभियोजन पक्ष ने अग्रिम जमानत का विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी ने धोखाधड़ी कर रुपये ऐंठे और फिर प्रताड़ित कर महिला को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश मयंक चौहान ने आरोपी की अग्रिम जमानत निरस्त कर दी।
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बेटी को मारने के प्रयास में पिता की जमानत खारिज
औरैया। थाना बेला क्षेत्र में पिता की ओर से 16 वर्षीय बेटी को जान से मारने की कोशिश के मामले में बुधवार को कोर्ट में सुनवाई की गई। आरोपी पिता दिनेश चंद्र और उसकी पत्नी 17 जून को बेटी को स्कूटी से बिधूना स्थित बुआ के घर ले जाने के बहाने निकले थे। रास्ते में नहर के पास मां के शौच जाने के बहाने अलग होने पर, पिता ने पानी लाने के दौरान बेटी का गला दबाया और ईंट से सिर व मुंह पर प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने आरोपी पिता की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।(संवाद)
अवैध पेट्रोल पंप मामले में पांच आरोपियों को अग्रिम जमानत
औरैया। अछल्दा थाना क्षेत्र में बिना वैध लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के संचालित अवैध पेट्रोल पंप मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने पांच आरोपियों आसित प्रकाश, शैलेन्द्र कुमार, रामपाल, योगेन्द्र सिंह और संदीप कुमार की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। पूर्ति निरीक्षक की ओर से एक अप्रैल 2024 को अछल्दा-अटसू मार्ग स्थित गांव घांघरपुर में जांच के दौरान यह पंप बंद और बिना किसी कंपनी के बोर्ड या लाइसेंस के पाया गया था। मौके पर अनधिकृत रूप से डीजल-पेट्रोल का भंडारण व बिक्री मिलने पर प्रशासन ने इसे सील कर दिया था।
सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान ने कोई आपराधिक इतिहास न होने और मामले में चार्जशीट दाखिल होने के आधार पर प्रत्येक आरोपी को 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र रिहा करने का आदेश दिया है।(संवाद)
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गांजे के साथ पकड़े गए आरोपियों की जमानत मंजूर
औरैया। सहार थाना क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार दो युवकों राहुल सिंह और प्रियांशू को 10.516 किलोग्राम अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। सीओ बिधूना की मौजूदगी में हुई तलाशी में राहुल के पास से 5.330 किलोग्राम और प्रियांशू के पास से 5.186 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। 13 जुलाई से जिला कारागार में निरुद्ध दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने मात्रा वाणिज्यिक से कम होने और कोई आपराधिक इतिहास न होने पर 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मंजूर कर ली है। (संवाद)