औरैया। विद्युत निगम की मनमानी और मीटर रीडर की लापरवाही से परेशान उपभोक्ताओं के लिए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बड़ी राहत दी है। आयोग ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को शांति देवी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए तीन दिसंबर 2025 के बाद का बिल वास्तविक रीडिंग के आधार पर 45 दिनों में नए सिरे से जारी करने का आदेश दिया है।
जिला उपभोक्ता आयोग के मध्यस्थता प्रकोष्ठ के सदस्य संजीव पांडेय ने बताया कि गांव मधुपुर निवासी शांति देवी ने 2020 में एक किलोवाट का कनेक्शन लिया था। जुलाई 2023 के बाद विभाग ने आंतरिक फाल्ट का नाजायज फायदा उठाकर 38891 रुपये का फर्जी बिल भेज दिया था, जबकि उपभोक्ता ने तीन दिसंबर 2025 को ओटीएस योजना के तहत 30175 रुपये जमा कर दिए थे। इसके बाद महज 90 यूनिट की खपत पर विभाग ने मनमाने ढंग से 6542 यूनिट जोड़ दीं। आयोग के अध्यक्ष जगन्नाथ मिश्र, सदस्य अमिता निगम और जितेंद्र सिंह कुशवाह ने इसे सेवा में गंभीर लापरवाही माना। आयोग ने विभाग को दंड व ब्याज हटाने व परिवादिनी को तीन हजार रुपये हर्जाना व वाद व्यय देने का आदेश दिया है। (संवाद)