फोटो-1- ककराही में बंद पड़ी गोशाला।संवाद
दिबियापुर। आंकड़ों में अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में भेजा जा चुका है। हकीकत में सड़कों पर घूमने वाले अन्ना गोवंश रात में गेहूं की फसल बर्बाद कर रहे हैं। फसल की रखवाली को लेकर किसान सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे जागकर चौकसी करने को मजबूर हैं।
शुक्रवार की सुबह निकटस्थ गांव झपटियापुर में अन्ना गोवंश एक गेहूं के खेत में फसल खाते मिले। जानकारी पर शिवेंद्र सिंह राजपूत एवं विजय सिंह राजपूत आदि किसानों ने फसल चरते गोवंश के झुंड को खदेड़ा। किसानों ने बताया कि नगर क्षेत्र में काफी अन्ना गोवंश हैं। किसानों का आरोप है कि जिम्मेदार जानबूझ कर अनजान बने हैं।
हीरा का पुरवा निवासी किसान किशन लाल राजपूत ने बताया कि आस पड़ोस की कई गोशालाएं खाली पड़ी हैं। उन्होंने बताया कि ककराही ग्राम पंचायत में बनी गोशाला में ताला लगा है। जबकि इसके निर्माण में लाखों रुपये खर्च हुए थे। इस संबंध में सपा विधान सभा क्षेत्र अध्यक्ष बीरेंद्र राजपूत ने बताया कि नगर क्षेत्र में आए दिन गहरे नालों में गाय बछड़े गिरकर घायल हो रहे हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से किसानों के लिए परेशानी का कारण बन रहे अन्ना गोवंशों को अभियान चलाकर पकड़वाने की मांग की है।
22 मजरों की पंचायत में गोशाला तक नहीं
दिबियापुर। अछल्दा विकास खंड की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत हरचंदपुर में 22 मजरे जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद आज तक यहां गोशाला का निर्माण नहीं हो सका। ग्राम पंचायत में गोशाला न होने की स्थित में क्षेत्रीय किसानों को अन्ना गोवंशों से काफी मुसीबतें हो रही हैं। बताते हैं कि किसानों को अपनी फसल बचाने में खेत में कटीले तारों को लगवाना पड़ता है। ग्रामीण मलूके गुप्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत में गोशाला बनने से पंचायत के 22 मजरों के अलावा आसपास के लगभग दो दर्जन गांवों को भी इसका सीधा फायदा होगा।
फोटो-1- ककराही में बंद पड़ी गोशाला।संवाद