फफूंद (औरैया)। गेल गांव में 27 अगस्त को मजदूरी करते समय घायल हुए मजदूर महेंद्र की उपचार के दौरान मौत हो गई।
इससे गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने सोमवार को बैसुंधरा पाता प्लांट मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। उन्होंने ठेकेदार पर लापरवाही का आरोप लगाया और मुआवजे की मांग की।
वहीं, जाम की सूचना पाकर सीओ, एसडीएम व कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। ठेकेदार व गेल के अधिकारी के आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए। जाम से करीब दो घंटे तक यातायात व्यवस्था बाधित रही।
थाना क्षेत्र के गांव परवाह निवासी बबलू कपड़िया के चार बेटे हैं। तीसरे नंबर का बेटा महेंद्र कुमार (22) ठेकेदार के अंडर में मजदूरी करता था। 27 अगस्त को वह गेल गांव के आवासीय परिसर में निर्माण कार्य में मजदूरी करने गया था। वहां सीमेंट की बोरी को एक से दूसरे स्थान पर पहुंचाते वक्त अचानक उसका पैर फिसल गया था। इससे उसकी गर्दन व सिर पर चोटें आई थीं।
साथी मजदूर उसे आवासीय परिसर में स्थित अस्पताल ले गए। वहां नाजुक हालत देख डाॅक्टर ने उसे कानपुर रेफर कर दिया था। वहां पर इलाज के दौरान रविवार रात महेंद्र ने दम तोड़ दिया। मौत की खबर से परिजन आक्रोशित हो गए। सोमवार सुबह परिजनों व ग्रामीणों ने बैसुंधरा पाता प्लांट मार्ग पर शव रखकर सड़क पर जाम लगा दिया।
प्रदर्शनकारियों ने ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप लगाए। उधर, जाम की खबर पाकर पुलिस भी पहुंच गई और परिजनों को समझाने का प्रयास किया, पर वह नहीं माने। इसी बीच कई थानों की फोर्स के साथ सीओ अजीतमल सृष्टि सिंह और एसडीएम सदर अजय आनंद वर्मा भी वहां पहुंच गए।
इस दौरान परिजनों की मांग पर सीओ ने ठेकेदार व गेल के अधिकारियों को वहां बुलाया। ठेकेदार रामकुमार अवस्थी ने दो लाख रुपये, बीमा का रुपया देने की बात कही। वहीं, गेल के अधिकारियों ने एक लाख रुपये मुआवजा और पंद्रह हजार रुपये अंतिम संस्कार के लिए देने की बात कही। इसके बाद परिजन मान गए।
इस दौरान करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा। थाना प्रभारी निरीक्षक ठेकेदार व गेल के अधिकारी ने आर्थिक मदद के आश्वासन दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।