एरवाकटरा। विकास खंड क्षेत्र में कुल 190 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। विकासखंड के इन सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते नौनिहाल शिशुओं और गर्भवती धात्रियों के पोषण के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां बच्चों को बिना पैकिंग तारीख और बिना एक्सपायरी तारीख के दलिया और पुष्टाहार के पैकेट धड़ल्ले से बांटे जा रहे हैं।
इस संबंध में जब एरवाकटरा विकास खंड के गांव रघुनाथपुर में पड़ताल की गई तो रेशमा देवी, सुमन, आशा, मालती, रागिनी तथा नंदनी ने बताया कि उनके बच्चे बहोरपुर निवासी आंगनबाड़ी सुमनदेवी के यहां पंजीकृत है। करीब चार दिन पूर्व उन्हे आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा दलिया और पुष्टाहार दिया गया। जिसमें दलिया और पुष्टाहार पर कोई तारीख नहीं पड़ी है। जिससे यह पता चल सके कि यह सामग्री कब पैक हुई। कब तक इसे प्रयोग कर सकते है। वहीं सुरेन्धा गांव निवासी धात्री अलका देवी, पुरोहित सिंह, राहुल सिंह, विकास सिंह ने बताया कि उनके बच्चे किशनपुर निवासी आंगनबाड़ी कार्यकत्री गीता पाल के यहां पंजीकृत है। दो दिन पूर्व आंगनबाड़ी द्वारा बांटे गए दलिया में पैकिंग की कोई तारीख नहीं पड़ी है। सिर्फ यह लिखा है कि इसे 6 माह तक प्रयोग कर सकते है। अब यह कैसे पता चले कि यह दलिया दो वर्ष पूर्व पैक हुआ है या दो माह पहले। जब इस संबंध में कार्यकत्री गीता देवी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनके केंद्र पर 81 बच्चे और 4 गर्भवती महिलाएं तथा 3 धात्री महिलाए पंजीकृत है। सुरेंधा गांव में उनके द्वारा बांटा गया दलिया उन्हे इंचार्ज सीडीपीओ संध्या यादव द्वारा उपलब्ध कराया गया था।
बोले जिम्मेदार-
जिला कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि दलिया की खरीद सरकारी संस्था नेफेड के द्वारा की जाती है। किसी पैकिंग में पैकेजिंग तारीख न आई हो। इसमें कोई खतरा नहीं है। लेकिन पजीरी में ऐसा नहीं है। जिसे लेकर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सीडीपीओ मामले में सावधानी बरत रही हैं।
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ऐरवा कटरा थाने की पीआरबी 2634 पर तैनात कांस्टेबल विक्रम सिंह की तहरीर पर गाली गलौच करने और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा शनिवार देर शाम ऐरवा कटरा थाने में दर्ज किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ऐरवा कटरा थाने में पीआरबी 2634 पर तैनात विक्रम सिंह ने बताया कि 23 मई को रात्रि को वह ड्राइवर सुबोध कुमार के साथ ड्यूटी पर तैनात था रात्रि करीब 10 बजे किल्लामपुर गांव निवासी कांस्टेबल कुवारलाल ने 112 पर कॉल करके बताया कि हिमांशु यादव पुत्र रनवीर सिंह यादव फोन पर गंदी गंदी गालियां दे रहा है।जब सिपाही विक्रम सिंह ने बताए गए नंबर पर कॉल किया तो हिमांशु की पत्नी ने फोन उठाया तो उसने अपना गांव कल्याणपुर बताया जब पीआरबी वहां पहुंची गांव बालों ने बताया कि हिमांशु यादव किल्लामपुर गांव का रहने बाला है।जब विक्रम सिंह ने दुबारा हिमांशु के नंबर पर कॉल किया तो हिमांशु ने फोन उठाया और भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगा।
थाना प्रभारी संत प्रकाश पटेल ने बताया कि सिपाही की तहरीर पर किल्लामपुर गांव निवासी आरोपी हिमांशु यादव के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करके नियमानुसार विधिक कार्यवाही प्रचलन में है।