फरमान पर हस्ताक्षर करवाती युवाओं की टीम
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अमर उजाला के अभियान के साथ इस पछैयां बस्ती की महिलाएं खड़ी हो गई हैं। बस्ती की महिलाओं ने सोमवार को पंचायत करके पूरी बस्ती को शराब न बनाने का फरमान जारी कर दिया। महिलाओं ने कहा कि अब इस बस्ती में न कोई शराब बनाएगा और न पीएगा। अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उसे समाज से निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। महिलाओं की पंचायत के बाद युवाओं ने लिखित फरमान जारी होने के बाद बस्ती के लोगों से हस्ताक्षर भी करवाए। इसके बाद बस्ती में रोज कई लीटर बनने वाली शराब सोमवार को एक बूंद भी शराब नहीं बनी।
शहर की बदनाम बस्ती पछैयां में बीस सालों से हो रहे अवैध शराब का धंधा बंद करवाने में प्रशासन नाकाम रहा। इन लोगों को कोई सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिलता और न ही राशन कार्ड है। ऐसे में ये लोग इसी धंधे में लिप्त होते चले गए। बस्ती में करीब सौ परिवार अवैध शराब के धंधे में लिप्त हैं। अमर उजाला ने जब इनके दर्द की खबर छापी तो डीएम माला श्रीवास्तव व जिला पंचायत अध्यक्ष राजवीर सिंह ने योजनाएं दिलाकर नये धंधे के लिए ऋण देने का आश्वासन दिया।
असर ये हुआ कि एरवाकटरा की मारवाड़ी की बस्ती ने एकजुट होकर समर्पण कर दिया और शराब न बनाने की कसम खा ली। इसके बाद रविवार को पछैयां बस्ती की महिलाओं ने बैठक कर शराब बंद करने का एलान किया और सोमवार को पंचायत करके बस्ती में शराब न बनाने का फरमान जारी कर दिया। महिलाओं के आगे आने पर बस्ती की नई पीढ़ी भी एकजुट हो गई और उसने भी यह धंधा बंद करने की मुहिम छेड़ दी है। महिलाओं की पंचायत के बाद युवाओं ने लिखित फरमान पर घर-घर जाकर लोगों से हस्ताक्षर करवाए। फरमान में कहा है कि अगर किसी ने शराब बनाई या पी तो वह लोग बस्ती से निकालकर पुलिस के हवाले कर देंगे। एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि यह अमर उजाला की बहुत अच्छी पहल है।
वह महिलाओं के फैसले का स्वागत करते हैं। अभी तक पुलिस दूसरे रुख से जाती थी मगर अब उनके फैसले का स्वागत करने जाएगी। डीएम माला श्रीवास्तव ने बताया कि ये एक बेहतरीन पहल हुई है। कहा कि वह हर संभव प्रयास कर रही हैं कि इन लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाए। वह अधिकारियों को बस्ती में भेज रही हैं। कैंप लगाने की तैयारी हो गई है। सभी का स्वागत किया जाएगा।