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एयरफोर्स कर्मी के सूने घर में चोरी

Wed, 16 Mar 2016 12:14 AM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
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मौके का निरीक्षण करते सीओ सुभाष अत्री एवं पुलिस टीम। - फोटो : amar ujala beuro
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मुंबई में एयरफोर्स में तैनात सूबेदार के इंदिरानगर वार्ड स्थित सूने घर से चोरों ने सेफ का ताला तोड़कर रिवाल्वर चोरी कर ली। जबकि उनके किराएदार के कमरे से लाखों रुपये कीमत के टीवी, लैपटाप, जेवरात और 20 हजार रुपये पार कर दिए। सूचना पर पहुंचे सीओ और थानाध्यक्ष फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट व डाग स्क्वायड के साथ पहुंचे। लेकिन चोरों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा।
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भाग्यनगर के पास ग्राम महाराजपुर के मूल निवासी श्याम किशोर पुत्र प्यारेलाल मुंबई एयरफोर्स में सूबेदार के पद पर तैनात हैं। उनका इंदिरानगर वार्ड में मकान है। मकान में पाता पैट्रोकेमिकल के इंजीनियर नीरज सिंह किराए पर रहते हैं। मंगलवार सुबह नीरज के घर काम करने वाली निर्मला निवासी कांशीराम कालोनी ने देखा कि मकान का दरवाजा खुला है। शक होने पर आसपास के लोगों को सूचना दी। लोगों ने महाराजपुर निवासी श्यामकिशोर के भाई सत्यप्रकाश को घटना की जानकारी दी।

सूचना पर पहुंचे सीओ सुभाष अत्री, थानाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने जांच के लिए औरैया से फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट और गेल से डाग स्क्वायड टीम को बुलाया। काफी खोजबीन के बावजूद चोरों का सुराग नहीं लगा। एयरफोर्स सूबेदार श्याम किशोर ने फोन पर पुलिस को बताया कि सेफ में रखी उनकी रिवाल्वर चोरी हुई है।
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जबकि मकान में किराए पर रहने वाले इंजीनियर नीरज का कहना है कि एलईडी टीवी, लैपटाप, सोने की झुमकी का सेट, सोने का नेकलेस, 20 हजार रुपये समेत सूटकेस चोरों ने पार कर दिया है। थाना पुलिस का कहना है कि श्याम किशोर अक्सर मुंबई में ही रहते हैं। किराएदार नीरज भी शनिवार को अपने घर हापुड़ गया था। सीओ सुभाष अत्री का कहना है कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

चोरी के बाद पीड़ित बरते सावधानी
दिबियापुर। अक्सर चोरियों के बाद डाग स्क्वायड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट मौके पर पहुंचते तो हैं, लेकिन पीड़ित परिवार की लापरवाही के कारण उसका फायदा नहीं मिला पाता। पुलिस का कहना है कि डाग स्क्वायड में शामिल प्रशिक्षित डाग कपड़ों में चोर की महक सूंघकर उसके संभावित स्थान को खोजता है। वहीं फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट मौके पर चोरों के फिंगर प्रिंट लेकर चोरों तक पहुंचने का प्रयास करता है। लेकिन पीड़ित की लापरवाही के कारण इन टीमों के पहुंचने तक कई लोग घटनास्थल तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में फिंगर प्रिंट नष्ट हो जाते हैं। इससे चोरों का पता लगाने में टीमें नाकामयाब रहतीं हैं।
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इस चोरियों का नहीं हुआ खुलासा
- 29 जनवरी की रात किराना व्यापारी आलोक पुत्र सत्यप्रकाश गुप्ता के सूने घर में लाखों की चोरी।
- 29 फरवरी की रात अंबेडकरनगर स्थित कांशीराम कालोनी के पास विजय गुप्ता के घर चोरी।
- पांच मार्च की रात रामगढ़ निवासी विनय कौशल की सर्राफा की दुकान में चोरी।
-14 मार्च की रात एयरफोर्स में तैनात सूबेदार श्यामकिशोर के सूने घर में लाखों की चोरी।
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