औरैया। सूबे में खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी को लेकर कृषि विभाग सतर्क हो गया है। कंपनी और खाद विक्रेताओं को एक्नालेजमेंट (स्वीकृति) की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब किसान को जमीन और फसल के आधार पर खाद दी जाएगी। साथ ही बिना पीओएस मशीन के खाद बिक्री करने वाले विक्रेताओं की खैर नहीं है। ऐसे विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित करने के साथ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।
शासन के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने खाद को अधिक मूल्य पर बेचना, कालाबाजारी, जमाखोरी और अन्य उत्पादों को टैग करने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। कहा है कि उर्वरकों के स्टॉक को कंपनी और थोक विक्रेता तत्काल डीबीटी पोर्टल पर खाद की बिक्री के लिए एक्नालेजमेंट की व्यवस्था लागू करें। जिससे किसानों को खाद वितरण के साथ डीबीटी प्रणाली के तहत वास्तविक क्रेता का नाम दर्ज हो सके।
भौतिक रूप से जैसे ही खाद का मूवमेंट हो वैसे ही ऑनलाइन प्रणाली को चालू किया जाए। इसके विलंब करने पर थोक, फुटकर विक्रेताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।