औरैया। सदर विकास खंड की ग्राम पंचायत फरिहा के गांव पाकर का पुरवा व अयाना ग्राम पंचायत के मजरा भूरेपुर में अन्ना मवेशियों ने किसानों की रात की नींद उड़ा दी है। मवेशियों के झुंड खेतों में घुसकर खड़ी फसल नष्ट कर देते हैं। किसान रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि दिन रात कड़ी मेहनत कर फसल तैयार करते हैं। अन्ना मवेशियों के झुंड खेतों में घुसकर कुछ ही देर में उनकी मेहनत पर पानी फेर देते हैं। ज्यादातर रात के समय मवेशी खेतों में धावा बोल रहे हैं। इससे उनका दिन का चैन और रात की नींद छिन गई है। किसानों ने जिला प्रशासन से समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
सरकारी मशीनरी की तमाम कवायद के बाद भी अन्ना मवेशियों की समस्या खत्म नहीं हो रही है। जिले के तकरीबन हर गांव में स्थायी व अस्थायी गोशालाएं संचालित हैं। इसके बाद अन्ना मवेशियों के झुंड सड़कों व खेतों में धमाचौकड़ी मचाए हैं। बीते दिनों एक छुट्टा सांड़ ने एक किसान को दौड़ा-दौड़ा कर सींग व पैरों से मारकर लहूलुहान कर दिया था।
बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान किसान ने दम तोड़ दिया था। इसके अलावा कई छिटपुट घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिसमें लोग अन्ना मवेशियों के हमले से चुटहिल हुए हैं। इधर कुछ दिन से ग्राम पंचायत फरिहा के गांव पाकर का पुरवा व अयाना ग्राम पंचायत के मजरा भूरेपुर में अन्ना मवेशियों ने किसानों की नींद उड़ा रखी है। अन्ना मवेशियों के झुंड खेतों में धावा बोलकर खड़ी फसल नष्ट कर देते हैं। अन्ना मवेशियों के झुंड रात में खेतों में ज्यादा धावा बोलते हैं। ऐसे में किसान रात-रात भर जागकर खेतों की रखवाली कर रहे हैं। वहीं, इस संबंध में एसडीएम अजीतमल राशिद अली खान का कहना है कि वह बीडीओ से बात करेंगे। जल्द ही अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में भेजने के इंतजाम किए जाएंगे।
गांव भूरेपुर निवासी निर्भय सिंह ने लगभग आठ बीघे में लाहा की फसल बोई है। उन्हें उम्मीद है कि इस बार अच्छी पैदावार होगी। लेकिन अन्ना मवेशियों ने उनकी नींद उड़ा रखी है। निर्भय सिंह का कहना है कि अन्ना मवेशियों से फसल बचाना मुश्किल हो रहा है। रात में जरा भी चूक गए तो मवेशियों का झुंड घुसकर फसल बर्बाद करने में लगे हैं। एसडीएम अजीतमल को फोन पर जानकारी दी गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
गांव लक्ष्मणपुर निवासी किसान विक्रम सिंह के खेत गांव पाकर का पुरवा में है। उनका कहना है कि एक ओर शासन अन्ना मवेशियों से फसलों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को सख्त निर्देश जारी कर चुका है। इसके बावजूद अन्ना मवेशियों को गोशालाओं तक नहीं पहुंचाया जा रहा है। अन्ना जानवर खेतों में घुसकर उनकी फसल को चौपट करने में लगे हुए हैं।
गांव पाकर पुरवा निवासी बंटी का कहना है कि खेतों में घुस रहे अन्ना जानवर न केवल फसल को खा रहे हैं। बल्कि जानवरों के झुंड के खेत में घुसने उनके पैरों से आधे से ज्यादा फसल बर्बाद हो रही है। इससे उनके सामने आने वाले दिनों में खर्च को लेकर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से अन्ना जानवरों से सुरक्षा की गुहार लगाई है।