आत्मा योजना के तहत विकास भवन में कृषि विभाग की ओर से जिला स्तरीय खरीफ किसान मेला व कृषक गोष्ठ आयोजित की गई। इसमें डीएम ने प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना को अपनाने के साथ ही किसानों से ज्यादा से ज्यादा पौध रोपित कर पर्यावरण सुरक्षित रखने की अपील की। इस दौरान गैरहाजिर रहे अधिशाषी अभियंता सिंचाई से जवाब तलब किए जाने के निर्देश दिए।
गोष्ठी में डीएम माला श्रीवास्तव ने खरीफ सीजन से लागू की गई प्रधानमंत्री फसली बीमा योजना के बारे में बताते हुए किसानों से कहा कि प्रतिकूल मौसम से बचाने के लिए वह अपनी फसलों का बीमा जरूर कराएं। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा के विषय वस्तु विशेषज्ञ डा. आईपी सिंह ने किसानों को फल एवं सब्जियों की खेती में विविधीकरण लाए जाने पर बल दिया। कृषि वैज्ञानिक डा. अनंत कुमार ने किसानों से कहा कि खरीफ सीजन में फसल की बुआई मौसम, जलवायु और तापक्रम को ध्यान में रखकर करें। कम वर्षा की स्थिति में मक्का की बुआई करना ही किसानों के लिए अधिक लाभदायक साबित होगी।
एक्सईएन नलकूप ने बताया कि जिले में कुल 345 नलकूप संचालित हैं। वहीं किसानों की ओर सिंचाई के लिए पानी की समस्या उठाए जाने के सवाल का जवाब देने के लिए एक्सईएन सिंचाई के गैरहाजिर रहने पर डीएम ने सीडीओ को स्पष्टीकरण तलब किए जाने के निर्देश दिए। पानी गोष्ठी में किसानों को अमर उजाला की पत्रिका चौपाल को वितरित की गईं। अंत में डीएम ने अधिकारियों संग परिसर में किसान मेले के तहत विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए सरकारी योजनाओं के स्टालों का जायजा लिया। इस मौके पर उप परियोजना निदेशक एसके शर्मा, विषय वस्तु विशेषज्ञ राजवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।