औरैया। एक अक्तूबर से रबी सीजन की शुरुआत हो गई है। कृषि विभाग ने रबी बुवाई के लिए 128147 हेक्टेयर का लक्ष्य तय किया है। जिसमें सबसे अधिक 103511 हेक्टेयर में गेहूं और 13708 हेक्टेयर में राई-सरसों की बुवाई होगी। हालांकि मौसम गर्म होने के कारण 15 अक्तूबर के बाद ही बुवाई की बात कह रहे हैं।
अक्तूबर माह की शुरुआत से ही रबी की फसल की बुवाई का समय शुरू हो जाता है। इससे सबसे पहले किसान आलू और सरसों की बुवाई करते हैं। किसान आलू और सरसों के लिए खेतों की सफाई और जुताई कर रहे हैं। हालांकि मौसम गर्म होने के कारण विलंब हो रहा है। इस बार अपेक्षा से अधिक मौसम गर्म होने के कारण किसान खासे परेशान हैं। आलू की अगेती की फसल की बुवाई भी प्रभावित हो रही है। वहीं, सरसों की फसल की बुवाई करने में किसान कतरा रहे हैं। 15 अक्तूबर के बाद ही वह लोग बुवाई करना शुरू करेंगे।
जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार ने बताया कि 128147 हेक्टेयर में रबी की फसल का लक्ष्य तय किया गया है। मौसम गर्म होने के कारण 15 अक्तूबर से सरसों से रबी की फसल की बुवाई की शुरूआत करेंगे। उन्होंने बताया कि राई, चना और सरसों का बीज जिले के औरैया, अजीतमल, भाग्यनगर, अछल्दा, बिधूना, एरवाकटरा व सहार ब्लॉक के सरकारी बीज भंडार पर अनुदान के साथ उपलब्ध हैं।
जिला प्रशासन ने रबी सीजन के मद्देनजर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने का दावा किया है। जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार का कहना है कि रबी सीजन के शुरुआत में ही पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है। जबकि कई रैक अभी आना बाकी हैं। किसानों को जितनी खाद की उपलब्धता है। वह उतनी ही क्रय करें।