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Auraiya News: घंटों इंतजार के बाद मिली दो बोरी डीएपी, कई मायूस लौटे

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सहकारी समिति तिवरलालपुर से खाद की बोरी सिर पर रखकर ले जाता किसान।  - फोटो : अमर उजाला
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अयाना। गेहूं की बोआई के लिए किसानों को खाद की आवश्यकता है इसके लिए सुबह से समिति पर भीड़ जुट रही है। कुआगांव स्थित साधन सहकारी समिति तिवरलालपुर में सोमवार को प्रशासन व पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण हुआ। घंटों इंतजार के बाद महज दो बोरी खाद मिलने से किसानों ने चिंता जाहिर की है।
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तिवरलालपुर समिति पर डीएपी आने की जानकारी पर सुबह समिति खुलने से पहले ही किसानों की भीड़ जुट गई। समिति पर पहुंचे सचिव जयराम सविता ने किसानों की भीड़ देख प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस को जानकारी दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम निखिल राजपूत ने एक एकड़ भूमि से कम वाले काश्तकारों को एक बोरी व इससे अधिक भूमि वाले काश्तकारों को दो बोरी खाद देने के निर्देश दिए। इसके बाद लेखपाल नीतू राजपूत व चौकी चौकी प्रभारी अरविंद सिंह खाद का वितरण शुरू कराया।
सेंगनपुर निवासी हरगोविंद दुबे ने बताया कि वह समिति में खाताधारक हैं। सुबह 10 बजे खाद लेने के लिए समिति पर आए हैं। दोपहर एक बजे तक उनको खाद नहीं मिल सकी है। वहीं सेंगनपुर के ही मुकुंद नारायण ने बताया कि दो बोरी खाद दिए जाने से बड़े किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वह कैसे गेहूं की फसल की बोआई समय पर कर सकेंगे। समिति के सचिव जयराम सविता ने बताया कि शुक्रवार को समिति पर 300 बोरी डीएपी आई थी। उसका एसडीएम के आदेश अनुसार वितरण करवाया जा रहा है।
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बिधूना क्षेत्र में गेहूं की बोआई का सीजन शुरू होते ही डीएपी खाद की मांग बढ़ गई है। किसानों को खाद वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। सोमवार को एसडीएम गरिमा सोनकिया ने देवराव सहकारी समिति का निरीक्षण किया और अपनी देखरेख में किसानों को खाद वितरण कराया।



नायब तहसीलदार रुचि मिश्रा ने बेला सहकारी समिति केंद्र पर पहुंचकर खाद वितरण की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने किसानों को निर्धारित मानक के अनुसार कागजातों की जांच के बाद खाद वितरण कराया। नायब तहसीलदार को रास्ते में रोककर किसानों ने खाद दिलाने की मांग की। देवराव व बेला समिति पर लगातार भेदभाव और मनमानी की शिकायतें मिलने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। एसडीएम गरिमा सोनकिया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी किसान के साथ पक्षपात नहीं किया जाएगा। जिसके पास जितनी खेती है, उसे सरकार के तय मानक के अनुसार ही खाद दी जाएगी।



एसडीएम ने समिति सचिवों और प्रभारी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के प्रति किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि समिति में खाद उपलब्ध है तो उसका वितरण लेखपाल और पुलिस की उपस्थिति में टोकन व्यवस्था के माध्यम से किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि केंद्र पर खाद वितरण की सूची, आवश्यक कागजातों (आधार कार्ड, खतौनी, फार्मर रजिस्ट्रेशन आदि) की जानकारी नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक रूप से लगाई जाए। ऐसा न करने पर संबंधित सचिव या प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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