फोटो-23एयूआरपी 01- भाऊपुर समिति पर खाद पहुंचने पर निरीक्षण करने पहुंचे एआर कॉपरेटिव संजीव कुमार
औरैया। साल 2004 से बंद पड़ी सहकारी समिति भाऊपुर में सोमवार को जब खाद की खेप पहुंची तो किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई। अब उन्हें खाद के लिए इधर-उधर चक्कर नहीं लगाने होंगे। 21 साल से बंद पड़ी इस समिति के दिन बहुरने पर सरकारी अमला भी गांव पहुंचा। किसानों से संवाद करते हुए समिति का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
सहकारिता विभाग के अनुसार भाऊपुर सहकारी समिति साल 2004 में घाटे में चली गई थी। ऐसे में विभाग को इस समिति पर खाद की बिक्री बंद करनी पड़ी थी। पिछले साल शासन की ओर से सहकारिता विभाग को ब्याज मुक्त गारंटी का तौहफा देते हुए बंद पड़ी समितियों को संवारने का रास्ता खोला गया। पिछले साल शुरू हुई कवायद में अब तक छह समितियों को सक्रिय किया जा चुका है। सोमवार को इस कड़ी में भाऊपुर सहकारी समिति को भी सक्रिय कर दिया गया।
जिले में 79 सहकारी समितियों के मुकाबले अब 75 समितियां सक्रिय हो गई हैं। हालांकि बड़ेरा, अयाना, सेंगनपुर व सांफर समिति को सक्रिय किया जाना शेष है। भाऊपुर सहकारी समिति के सचिव के तौर पर भड़ारीपुर के सचिव सुनील कुमार अवस्थी को चार्ज दिया गया है। यहां समिति पर सदस्यता अभियान को भी हरी झंडी दे दी गई है। 21 साल बाद समिति पर खाद की खेप पहुंची देख किसानों ने खुशी जाहिर की। सरकारी अमले का आभार भी जताया। एआर कॉपरेटिव संजीव कुमार ने बताया कि भाऊपुर सहकारी समिति को 21 साल बाद सक्रिय कर दिया गया है। बंद पड़ी चार अन्य समितियों को भी जल्द सक्रिय किया जाएगा।