फोटो-15- तहसील स्थित प्रतीक्षालय में नारेबाजी करते अधिवक्ता। संवाद
- फोटो : वर्षा का फाइल फोटो
औरैया। सदर तहसील परिसर में हुई राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन की बैठक के बाद से प्रशासन में खलबली मची हुई है। अधिवक्ता तहसील प्रशासन के खिलाफ भ्रष्टाचार को लेकर लामबंद हो गए हैं।
उनका आरोप है कि अधिकारी के पटल देख रहे लेखपाल काश्तकारों से धनउगाही कर रहे हैं। इसे लेकर अधिवक्ता 11 मई से हड़ताल पर रह सकते हैं। उन्होंने 10 मई तक का अल्टीमेटम दिया है।
सदर तहसील के बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि धारा 116 और दाखिल-खारिज से जुड़े मुकदमों का समय पर पंजीकरण नहीं किया जा रहा है। काश्तकारों से पटल देख रहे लेखपाल धन उगाही कर रहे हैं। अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी काश्तकारों को राहत नहीं दी जा रही है। बिना सुविधा शुल्क लिए दाखिल-खारिज के आदेश खतौनी में दर्ज नहीं किए जा रहे हैं जबकि यह प्रक्रिया निशुल्क है।
अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि शांतिभंग की कार्रवाई के मामले में एसडीएम कोर्ट आने वाले आरोपियों को तब तक तहसील में रोका जाता है, जब तक कि उन्हें सुविधा शुल्क मुहैया नहीं कराया जाता है। बार एसोसिएशन के महामंत्री हरिभानु अवस्थी ने बताया कि संगठन की ओर से तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर नौ सूत्रीय मांगे प्रशासन से रखी गई हैं।
इसमें पटलों पर तैनात लेखपालों को बदलने और बाहरी लोगों की तहसील में सक्रियता को खत्म करने की मांग रखी गई है। 10 मई तक यदि ये मांगे पूरी न हुईं तो 11 मई से तहसील के सभी अधिवक्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
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यदि तहसील में कोई कर्मचारी रिश्वतखोरी कर रहा है तो इसकी शिकायत करनी चाहिए। साक्ष्यों के आधार पर कर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी। यदि कुछ गलत होता है तो कार्रवाई जरूर की जाती है।
-अजय आनंद वर्मा, एसडीएम सदर