मौके पर थानाध्यक्ष बलराज शाही व भाजपा नेताओं मेें होती तू-तू मैं-मैं
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अछल्दा (औरैया)। कस्बे के नहर बाजार के आसपास खाली पड़ी जमीन पर सोमवार को कब्जा हटाने गई पुलिस और प्रशासनिक टीम से भाजपा कार्यकर्ताओं की तगड़ी झड़प हो गई। सुबह से चले इस ड्रामे में पुलिस टीम ने एक मजार की बाउंड्री व गरीबों के खोखे गिराकर कब्जा हटाने की कार्रवाई से इतिश्री कर ली। बाकि कब्जाधारियों को पुलिस छू भी न सकी। प्रशासन की इस कार्रवाई से लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
नहर बाजार में नहर के आसपास की जमीन खाली पड़ी हुई है। कुछ लोग लागातार जमीन पर कब्जा करने में जुटे हुए हैं। लोगों ने टट्टर और खोखा रख लिया है। कई लोगों ने पक्के निर्माण भी कर रखे हैं। जिससे नहर विभाग की ज्यादा से ज्यादा जमीन लोगों के कब्जे में आ चुकी है। शासन ने कब्जेदारों को 25 मार्च तक हर हाल में कब्जा हटाने के नोटिस दिए थे। न हटाने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। किसी ने भी कब्जे नहीं हटाए।
25 मार्च सोमवार को अछल्दा एसओ ने पुलिस बल के साथ जैसे ही बुलडोजर से कब्जा हटाने की करवाई शुरू की और वहां बनी मिठाई की दुकान को हटाना चाहा वैसे ही भाजपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए और दुकान हटाने के लिए मना किया। सूचना पर एसडीएम प्रवेंद्र कुमार व सीओ भास्कर वर्मा मौके पहुंच गए जिसके बाद पुलिस ने बुलडोजर से वहां बनी टट्टर की दुकानें व मजार की दीवार को तो गिराकर एकतरफा करवाई की। लेकिन जिस दुकानदार पर भाजपा कार्यकताओं का हाथ था उस दुकान को प्रशासन नहीं हटा सका। प्रशासन की एकतरफा करवाई से लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
अवैध कब्जा हटाने में हुई मुंहदेखी की एसडीएम से की शिकायत
अछल्दा (औरैया)। कस्बे के नहर बाजार में सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जे को लेकर प्रशासन द्वारा एक तरफा कार्रवाई होते देख लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया। आक्रोशित लोगों ने इस संदर्भ में प्रदर्शन कर मनमानी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद इसके बाद लोगों ने एसडीएम प्रवेंद्र कुमार से मिलकर उन्हें अधिकारियों व कर्मचारियों की ओर से की गई मनमानी करने से संबंधित शिकायती पत्र दिया।पीड़ित लोगों ने आरोप लगाया है कि नहर विभाग की जमीन पर कई लोगों टट्टर, पेटी व पक्की दुकान बनाकर कब्जे कर रखे हैं लेकिन प्रशासन ने उन्हें छोड़कर सिर्फ गरीब लोगों पर कार्रवाई करते हुए उनके टट्टर व पेटी गिरा दी। वहीं यह भी आरोप लगाया कि जो व्यक्ति पक्की दुकान बनाकर कब्जा किए हुए हैं उन पर भाजपा नेताओं का हाथ होने की वजह से उनकी दुकान नहीं हटाई गई।