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Auraiya News: 13 साल बाद साक्ष्यों के अभाव में हत्या के आरोपी हुए बरी

Tue, 11 Aug 2026 12:11 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। बिधूना कोतवाली क्षेत्र में अकरम हत्याकांड मामले में करीब 13 साल बाद अपर सत्र न्यायाधीश कैलाश कुमार की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और अभियोजन पक्ष की ओर से आरोप सिद्ध न कर पाने के कारण मुख्य आरोपियों शौकत अली और सोनू को दोषमुक्त कर दिया है।
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हरियाणा सिरसा निवासी वादी नफीसा बेगम ने न्यायालय में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि उनके बेटे अकरम का गांव की ही एक युवती से प्रेम संबंध था। इसी रंजिश के चलते नौ जुलाई 2013 की रात को शौकत अली, सोनू, सोनी व दो अज्ञात लोगों ने मिलकर उनके घर में घुसकर अकरम की हत्या कर दी थी और इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे पर लटका दिया था। घटना के बाद पुलिस ने पहले अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी, जिसे बाद में वादिनी की प्रोटेस्ट पिटीशन पर अदालत ने स्वीकार करते हुए सत्र परीक्षण के रूप में आगे बढ़ाया।
विचारण के दौरान सह-अभियुक्त सोनी की मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ कार्रवाई पहले ही समाप्त की जा चुकी थी। घटना के तुरंत बाद मृतक के पिता इमाम अली की ओर से कोतवाली में फौती सूचना दी गई थी और मौके पर तैयार किए गए पंचायतनामे में भी किसी प्रकार की हत्या की आशंका या आरोप नहीं जताया गया था, बल्कि इसे फंदे से लटककर हुई मौत माना गया था।
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अदालत ने पाया कि मुख्य गवाहों के बयानों में विरोधाभास है और वे घटना के प्रत्यक्षदर्शी नहीं थे। सोमवार को इस मामले की सुनवाई की गई। यह पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित था लेकिन अभियोजन पक्ष ऐसा कोई भी ठोस सबूत व साक्ष्य पेश नहीं कर सका जिससे यह साबित हो सके कि घटना को आरोपियों ने ही अंजाम दिया हो।
सुनवाई के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए शौकत अली और सोनू को बरी कर दिया है। उनके व्यक्तिगत बंधपत्र और जमानतनामे निरस्त कर दिए गए हैं। (संवाद)
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बुजुर्ग महिला की हत्या के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
औरैया। बिधूना में हुई वृद्धा की हत्या के मामले में सोमवार को आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मयंक चौहान की अदालत ने मुख्य आरोपी आशीष उर्फ टीटू की जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। अदालत ने अपराध की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को राहत देने से इन्कार कर दिया है। वादी जैनेन्द्र कुमार अपने परिवार सहित विदिशा (मध्य प्रदेश) में रहते हैं। उन्होंने बिधूना कोतवाली में मोहल्ला सूरजपुर स्थित मकान में बुजुर्ग मां श्रीमती संतोष कुमारी की हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच में आशीष उर्फ टीटू का नाम प्रकाश में आया था। (संवाद)

कैंसर से जूझ रहे आरोपी को राहत, गैर जमानती वारंट निरस्त
औरैया। एनडीपीएस एक्ट से जुड़े एक मामले में अदालत ने गंभीर बीमारी से जूझ रहे आरोपी रिजवान उर्फ टुंडे को अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम पारूल जैन की अदालत ने राहत दी है। उसके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट व एक लाख रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर निरस्त कर दिया है।
थाना अयाना क्षेत्र के अंतर्गत दर्ज प्राथमिकी में रिजवान की पत्रावली पर सोमवार को सुनवाई हुई। अदालत में बचाव पक्ष ने गैर जमानती वारंट को निरस्त करने के लिए प्रार्थना पत्र और शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया। दलील दी गई कि मुंह में कैंसर होने के कारण वह कानपुर के अस्पताल में लंबे समय से अपना इलाज करा रहा है और अब भी इलाजरत है। बीमारी और इलाज के चलते ही वह न्यायालय में पेश नहीं हो सका।
शपथ पत्र से समर्थित प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए न्यायाधीश पारूल जैन ने अभियुक्त की ओर से एक लाख रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने पर उसके खिलाफ जारी गैर जमानती वारंट को निरस्त करने का आदेश पारित किया।(संवाद)
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एससी-एसटी के दो आरोपी को जमानत
औरैया। विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) विकास गोस्वामी की अदालत ने आरोपी गोलू दुबे उर्फ कपिल द्विवेदी और रिषभ पांडेय की दूसरी जमानत का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को 30-30 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि के जमानतगीर प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया।
मामला सदर कोतवाली से जुड़ा है। दोनों के खिलाफ साल 2024 में एससी-एसटी सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सोमवार को आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई की गई। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने दोनों की जमानत याचिका मंजूर कर ली।(संवाद)

खेत में आग लगने के विवाद में आरोपी को जमानत
औरैया। सहायल थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में विशेष न्यायाधीश, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के न्यायालय ने आरोपी अनीस की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली है। यह मामला खेत में पुआल की आग से आम और यूकेलिप्टस के करीब 300 पौधे जलने और रुपये के लेनदेन के विवाद से जुड़ा है।
वादी शिव कुमार ने सहायल थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 11 नवंबर 2025 को दिन में करीब दो बजे पड़ोसी खेत में पड़े पुआल में आग लगाई गई थी। आग से उनकी बगिया के करीब 300 पौधे जलकर नष्ट हो गए।
विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद आरोपी अनीस का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। न्यायालय ने आरोपी को 25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की एक जमानतगीर प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है।(संवाद)
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