फफूंद(औरैया)। फफूंद दिबियापुर रोड पर स्थित भाग्यनगर में सोमवार रात हुए पड़ोसी गांव के निवासी बाइक सवार को बचाने में संजय ने जिंदगी गंवा दी।
संजय पेशे से ड्राइवर था और गांव में खेती किसानी के दौरान दूसरों के ट्रैक्टर चलाता था। पाता पेट्रो केमिकल प्लांट में भी मजदूरी करने चला जाता था। उसके पिता रमाकांत की भाग्यनगर में रोड पर ही पंचर बनाने की दुकान थी। पैतृक गांव बिलरायी छोड़कर पिता की दुकान के पास बने अपने मकान में संजय भी अपनी पत्नी विनीता व दो पुत्रों आठ वर्षीय सागर व चार वर्षीय संगम के साथ रहने लगा था। पत्नी को वहीं ब्यूटी पार्लर सेंटर खुलवा दिया था।
रोड किनारे मकान और उसकी मदद करने की भावना के चलते ही वह पड़ोसी गांव तकलीफ से चीख रहे सड़क पर घायल पड़े बाइक सवार की मदद करने रोड पर आ गया। उसे उठाकर सड़क किनारे करने लगा इसी बीच दिबियापुर से फफूंद जा रही तेज रफ्तार वैन ने उसे टक्कर मार दी जिससे वह उछलता हुआ सड़क पर जा गिरा और बुरी तरह घायल हो गया था जिसे अस्पताल ले जाते वक्त उसकी मौत हो गयी।