दिबियापुर (औरैया)। रेलवे स्टेशन फफूंद के पूर्वी छोर पर बुधवार की रात पीडब्ल्यूआई के स्टोर के सामने रखे चीड़ की लकड़ी के स्लीपरों में आग लग गई। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में कई लाख की लागत की स्लीपर जलने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि रेल प्रशासन का कहना है कि लगभग 20 वर्षों में रखे होने के कारण स्लीपर सड़ चुके थे। इसलिए इनकी कीमत न के बराबर ही थी।
पीडब्ल्यूआई स्टोर के सामने रखे लकड़ी के स्लीपरों में चौकीदार ने बुधवार की रात लगभग ढाई बजे आग धधकती देखी। इस पर उच्चाधिकारियों व आरपीएफ, स्टेशन अधीक्षक आदि को सूचना दी। आरपीएफ प्रभारी दिनेश कुमार एवं स्टेशन अधीक्षक अर्जुन सिंह मौके पर पहुंचे। औरैया एवं एनटीपीसी से पहुंची फायर ब्रिगेड ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
सबसे अधिक परेशानी स्लीपरों को हटाकर अंदर से धधक रही आग को बुझाने में आई। घटना की जानकारी होने पर दोपहर में कानपुर से आरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आरएन पांडेय दिबियापुर पहुंचे और जायजा लिया। असिस्टेंट कमांडेंट आरएन पांडेय का कहना है कि मौके पर लगभग ढाई सौ स्लीपर थे। लंबे समय से खुले में रखे होने के कारण सभी स्लीपर खराब हो चुके थे।
इसके चलते ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। 250 में से 100 स्लीपरों को जलने से बचा लिया गया है। जबकि लगभग 80 स्लीपर तो केवल 20 प्रतिशत ही जले हैं। स्टेशन अधीक्षक अर्जुन सिंह के अनुसार कोई जन धन की हानि नहीं हुई है। रेलवे लाइनों से दूर होने के कारण ट्रेनों के संचालन में भी कोई बाधा नहीं आई।