कहां हैं आप सर, गाड़ी भेज दूं। प्लीज खबर रोक दीजिए। बुधवार देर शाम तक जिला प्रशासन के अधिकारी अमर उजाला संवाददाता से लावारिस मिली यूआईडी पाने के लिए गिड़गिड़ाते नजर आ रहे थे, लेकिन खबर प्रकाशित होने बाद गुरुवार को जिला प्रशासन ने गिरगिट की तरह रंग बदलते हुए लावारिस आधार कार्ड लेने से इंकार कर दिया है।
बुधवार शाम को दिबियापुर रोड ग्राम कखावतू स्थित कांशीराम कालोनी पर सवारी छोड़कर वापस लौट रहे रिक्शा चालक को सड़क किनारे लावारिस पड़े आधार कार्ड दिखे थे।
अमर उजाला ने इस मामले में बयान लेते समय हकबकाया जिला प्रशासन खबर रुकवाने पर गिड़गिड़ाने लगा, यहां तक की एक जिम्मेदार अधिकारी ने लावारिस मिले यूआईडी को पाने के लिए अमर उजाला कार्यालय पर गाड़ी भेजने की पेशकश की।
गुरुवार को अमर उजाला की ओर से लावारिस आधार कार्डों को एसडीएम के हवाले करने उनके कार्यालय पहुंचे तो बताया गया कि वह वीआईपी ड्यूटी पर हैं। फोन पर जब उनसे लावारिस आधार कार्ड सौंपने की बात की गई तो उन्होंने खास रुचि न लेते हुए सिर्फ इतना कहा कि अब आवश्यकता नहीं है।
वीआईपी ड्यूटी के दौरान एसडीएम सदर से भेंट होने पर भी आधार कार्ड प्राप्त करने की बात कही तो उस समय भी वह टाल गए।
आधार कार्ड वितरण कराने हेतु डाकघरों को अधिकृत किया गया है। जिला प्रशासन का बंटवाने कराने का कार्य नहीं है। इंद्रपाल उत्तम, एडीएम