औरैया। देवकली मंदिर की बेशकीमती जमीन के फर्जीवाड़े में पुलिस ने छह साल पहले मर चुकी महिला पर भी रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि एफआईआर तहरीर के आधार पर दर्ज की गई है।
विवेचना में इसे सुधार दिया जाएगा। वहीं, इस मामले में अब तक सिर्फ वकील जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया गया है। अन्य आरोपी फरार हैं। उनके घरों पर ताले लटके हैं।
बता दें कि महाकालेश्वर मंदिर (देवकली धाम) की बेशकीमती जमीन में फर्जीवाड़ा किया गया है। इस मामले में तीन लेखपाल समेत 10 लोगों के खिलाफ 29 अप्रैल 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। डीएम के आदेश पर कानूनगो लालाराम की तहरीर पर पुलिस ने नामजद एफआईआर दर्ज की थी।
आरोपियों पर मंदिर की जमीन अपने नाम कराने व फर्जीवाड़े में संलिप्तता बताई गई थी। आरोपियों में लेखपाल अवनीश कुमार, शशांक दुबे, अंकित तिवारी समेत महिला सीतू तिवारी, तिलक नगर के सैनिक कॉलोनी निवासी प्रभा देवी, सुमन शुक्ला, वकील जितेंद्र कुमार, पंचायत सचिव अरुण कुमार, सुमन देवी व मयंक तिवारी समेत 10 नाम शामिल हैं।
इस मामले में पंचायत सचिव अरुण कुमार की मां प्रभा देवी पर भी एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि उनकी मौत साल 2019 में हो चुकी है। प्रभा देवी के वृद्ध पति जितेंद्र नाथ ने बताया कि उनकी पत्नी की मौत 2019 में हो गई थी। वह कहते हैं कि कि पत्नी के जिंदा रहते जमीन का मामला निपटा नहीं, मौत के बाद एफआईआर दर्ज करा दी गई।
मृतक को आरोपी नहीं बनाया जा सकता
मृतक महिला के नाम रिपोर्ट दर्ज करने के मामले में सदर कोतवाल ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि एफआईआर तहरीर के आधार पर दर्ज की गई है। किसी मृतक को आरोपी नहीं बनाया जा सकता है। कहीं न कहीं चूक हुई है। इसे विवेचना में सुधार लिया जाएगा।
दो बार दी गई तहरीर, जांच-परख के बाद भी तहरीर में आ गया महिला का नाम
देवकली मंदिर की जमीन हथियाने के मामले में 25 अप्रैल को सदर तहसील प्रशासन के अधिकारियों के निर्देश पर कानूनगो ने सदर कोतवाली में तहरीर दी थी। मामले को जिला सूचना विभाग के व्हाट्सएप पर तहरीर वायरल की गई थी।
चार दिन बाद मामले में 29 अप्रैल को दोबारा से तहरीर संशोधित की गई। इसमें कई बिंदुओं को पुख्ता करते हुए आरोपियों की संख्या बढ़ाई गई। राजस्व जानकारों की मानें तो तहसील के अमले ने कानूनी दांवपेच परखकर ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद आरोपियों में एक नाम मृतक महिला का आ गया।