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Auraiya News: बंदरों के डर से घर से निकलने में घबरा रही डेढ़ लाख की आबादी

Sat, 18 Jul 2026 12:36 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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फोटो -10- सुशील शर्मा। संवाद
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औरैया। मोहल्लों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक इन दिनों बंदरों का उत्पात चरम पर है।
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कटखने बंदर सड़कों और छतों पर आजाद घूम रहे हैं। हालात यह हैं कि 25 वार्डों की करीब डेढ़ लाख आबादी घरों में कैद रहने के लिए मजबूर है। लोग बंदरों से बचने के लिए अपने घरों में लोहे के जाल लगवा रहे हैं।
मोहल्लों में बंदरों के डर से महिलाएं छतों पर कपड़े सुखाने जाने से घबरा रही हैं। बुजुर्गों ने पार्कों में टहलना बंद कर दिया है और बच्चों को स्कूल भेजते समय अभिभावकों के मन में डर बना रहता है। जगह-जगह बंदरों के झुंड जमा होने के कारण लोगों का गली-मोहल्लों से निकलना भी दूभर हो गया है।
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जिला अस्पताल के आंकड़ों पर गौर करें तो रोजाना पांच से 10 केस बंदरों के हमले के पहुंच रहे हैं। जहां घायलों को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया जा रहा है। बंदरों को पकड़ने के लिए नगर पालिका प्रशासन व वन विभाग एक दूसरे के पाले में गेंद डाल रहा है। इस सब के बीच शहर वासीपरेशान हैं।

बोले लोग-जल्द पकड़वाए जाएं बंदर
थाने के सामने नए मकान का निर्माण कार्य चल रहा है। बंदरों के कारण मजदूर काम नहीं कर पाते हैं। बंदरों ने दीवार गिरा दी, इससे 12 हजार का नुकसान हुआ है। इन्हें जल्द पकड़वाया जाए। - राजर्षि गहोई, सत्तेश्वर
बंदरों के खौफ की वजह से अब छत पर जाने में भी डर लगने लगा है। गलियों और छतों पर जगह-जगह बंदरों के झुंड घात लगाकर बैठे रहते हैं, इससे निकलने में भारी परेशानी होती है। - सुशील शर्मा, भीखमपुर
बाजार और आवासीय इलाकों में बंदरों का जमावड़ा रहने से राहगीरों पर हमले का खतरा हमेशा बना रहता है। अब तो घरों के दरवाजे-खिड़कियां हर वक्त बंद रखनी पड़ती हैं। - विजय गुप्ता, बनारसीदास
पॉश कॉलोनी में भी बंदरों ने उत्पात मचा रखा है। घरों के बाहर खड़ी गाड़ियां हों या पेड़-पौधे, ये सब कुछ नष्ट कर देते हैं। लोगों को लाखों रुपये खर्च करके घरों में लोहे के जाल लगवाने पड़ रहे हैं। - यश पोरवाल, आवास विकास
सुबह और शाम के वक्त बंदरों का झुंड सबसे ज्यादा आक्रामक होता है। बच्चों को अकेले ट्यूशन या स्कूल भेजने में डर लगता है। कॉलोनी के लोग लाठी-डंडे लेकर निकलने को मजबूर हैं। - मनीष, खानपुर
बंदरों की वजह से घरों की छतों पर रखी पानी की टंकियां और पाइपलाइन सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन तोड़-फोड़ से आर्थिक नुकसान हो रहा है। नगर पालिका को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। - गोपाल मिश्रा, रुहाई मुहाल


वर्जन -
फिलहाल बंदरों को पकड़ने के संबंध में किसी भी प्रकार के आदेश नहीं हैं। यदि सरकार या उच्चाधिकारियों से इस संबंध में आदेश आता है, तो इसकी रूपरेखा तैयार करते हुए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। - आर के राठौर, रेंजर वन विभाग
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बंदरों को पकड़ने का कार्य अब वन विभाग के दायरे में आता है और यह काम उन्हें ही सौंपा गया है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा इस संबंध में वन विभाग को आवश्यक पत्राचार भी किया जा चुका है। - अनूप गुप्ता, पालिकाध्यक्ष

फोटो -10- सुशील शर्मा। संवाद

फोटो -10- सुशील शर्मा। संवाद

फोटो -10- सुशील शर्मा। संवाद

फोटो -10- सुशील शर्मा। संवाद

फोटो -10- सुशील शर्मा। संवाद

फोटो -10- सुशील शर्मा। संवाद

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