इंदौर-पटना एक्सप्रेस में हादसे वाले दिन यात्रा कर रहे पूर्व प्रधान के पुत्र की जान एक फोन काल ने बचा दी। कानपुर आने के दौरान वह उरई में उतर गए थे, जिससे बच गए। सेहुद के पूर्व प्रधान धीरेंद्र तिवारी के पुत्र विकास तिवारी की पत्नी नीतू को प्रसव पीड़ा होने पर कानपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। धीरेंद्र ने बीना में ठेकेदारी कर रहे दूसरे पुत्र पवन तिवारी को सूचना दी तो वह कानपुर जाने के लिए रात पौने 10 बजे कानपुर की ओर रवाना हुए।
ट्रेन जैसे ही झांसी से उरई के लिए चली तो कुछ किलोमीटर आगे तेज झटका लगा था। इसपर ट्रेन को 10 मिनट के लिए रोका गया था। जांच पड़ताल के बाद ट्रेन आगे रवाना हो गई थी। इस बीच बसपा नेता रामकुमार अवस्थी का फोन आया कि उनके अनुज की पुत्रवधू की मौत हो गई है। इस पर वह इस ट्रेन से रात लगभग 2 बजकर 10 मिनट पर उरई में उतर गए। उनका मानना है कि अगर वह ट्रेन के एस1 कोच से न उतरते तो वे भी हादसे का शिकार हो सकते थे।