पुल का निरीक्षण करते अधिकारी।
- फोटो : पुल का निरीक्षण करते अधिकारी।
बिधूना। तहसील क्षेत्र के अछल्दा कस्बे में बिधूना मार्ग पर बने करीब 170 साल पुराने जर्जर नहर पुल के बगल में नया पुल बनेगा। यह पुल अंग्रेजों के समय बना था।
सोमवार को सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग की टीम ने इसका स्थलीय निरीक्षण किया। अंग्रेजों के समय में बने पुल पर तो वैसे 10 से 15 हजार लोग निकलते थे, लेकिन पुल जर्जर होने पर भारी वाहनों के आवाजाही पर रोक लगा दी गई। ऐसे में इस समय इस पुल से करीब पांच हजार लोग ही निकलते हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय कुमार एवं पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अमर सिंह निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। उन्होंने पुराने पुल के पास लगभग सात मीटर चौड़ी जगह नये पुल के लिए चिह्नित की। इसके लिए शासन से जनवरी 2025 में 3.15 करोड़ की स्वीकृति मिल चुकी है।
अधिशासी अभियंता अमर सिंह के अनुसार टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। सिंचाई विभाग से एनओसी की प्रक्रिया चल रही है। इसके पूर्ण होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस मौके पर सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी राजकुमार, सहायक अभियंता सिंचाई सियाराम व अवर अभियंता योगेश कुमार मौजूद रहे।
नया पुल बॉक्स कल्वर्ट तकनीक से बनेगा। जो पारंपरिक पुलों की तुलना में अधिक मजबूत होता है। इसमें केवल सरिया और सीमेंट व कंक्रीट का प्रयोग होता है। पूरे स्ट्रक्चर में कोई जोड़ नहीं होता।
अक्तूबर 2026 तक तैयार होगा पुल
अधिकारियों ने बताया कि नहर में अक्तूबर माह में नहर सूख जाती है। इससे निर्माण कार्य शुरू करना संभव होगा। इस दौरान निचले हिस्से और दीवारों की ढलाई की जाएगी। ऊपरी हिस्से का निर्माण नहर संचालन के दौरान पूरा किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अमर सिंह ने बताया कि जर्जर पुल के बगल में नए पुल की शुरुआत अक्तूबर 2025 तक से होगी और इसे अक्तूबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।