दिबियापुर। माटी की खुशबू, पहलवानों की शान की कहावत को चरितार्थ करते हुए कस्बा सहायल में सोमवार को 100 साल पुराने ऐतिहासिक दंगल का आयोजन किया गया। अंग्रेजों के जमाने से चली आ रही इस परंपरा का दीदार करने के लिए सुबह से ही दंगल स्थल पर दर्शकों का हुजूम उमड़ पड़ा। दोपहर होते-होते पूरा अखाड़ा पहलवानों के दांव-पेच और दर्शकों के शोर से गूंज उठा।
दंगल में फिरोजाबाद, आगरा, लखनऊ, गोंडा, बहराइच, मैनपुरी और इटावा के पहलवानों ने भाग लिया। सबसे रोमांचक मुकाबला आगरा और गोंडा के पहलवानों के बीच हुआ। करीब 25 मिनट तक चले इस मुकाबले में दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे को चित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया। अंत में आगरा के पहलवान ने शानदार दांव लगाकर कुश्ती अपने नाम की। मुकाबले का परिणाम घोषित होते ही पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
लखनऊ और फिरोजाबाद के पहलवानों की कुश्ती भी आकर्षण का केंद्र रही। बुजुर्गों ने बताया कि पहले यह दंगल जमींदारों की ओर से आयोजित कराया जाता था। अब इसे युवाओं व सोनू मिश्रा की अगुवाई में कराया जाता है। अखाड़े की खासियत है कि यहां इनाम की राशि से ज्यादा पहलवान के मान-सम्मान को तरजीह दी जाती है। भाजपा मंडल अध्यक्ष सोनू मिश्रा ने कहा यह दंगल महज कुश्ती प्रतियोगिता नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। दंगल के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। आयोजन को सफल बनाने में राजू दुबे, चंद्रशेखर फौजी, रामनरेश तिवारी, इच्छा नारायण मिश्रा, राजू बाली, कल्लू यादव, सिपाही लाल यादव व अमित यादव सहित कमेटी के सदस्यों का योगदान रहा। देर शाम विजेताओं को नकद पुरस्कार व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।